फोटो 18, अंबेडकरनगर जिला मुख्यालय पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते बैँककर्मी।
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अंबेडकरनगर। विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रीय आह्वान पर जिले की 150 बैंक शाखाओं के कर्मचारी शनिवार को दूसरे दिन भी हड़ताल पर डटे रहे। प्रदर्शन करते हुए कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से उनकी उपेक्षा की जा रही है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हक के लिए जो संघर्ष छेड़ा गया है, उसे अब अंजाम तक पहुंचाकर ही रहा जाएगा। कहा गया कि यदि शीघ्र ही उनकी मागों का निस्तारण नहीं हुआ तो आगामी एक अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। उधर हड़ताल के चलते विभिन्न कार्यों से आए उपभोक्ताओं को मायूस होकर वापस लौटने को मजबूर होना पड़ा। हड़ताल से शनिवार को भी लगभग 200 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। ऐसे में दो दिन की हड़ताल से लगभग 400 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ।
गौरतलब है कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के राष्ट्रीय आह्वान पर एक दिन पहले शुक्रवार से बैंक कर्मियों ने दो दिनी हड़ताल शुरू की थी। विभिन्न बैंकों के 178 शाखाओं के सापेक्ष 150 बैंक शाखाओं के ताले पहले दिन नहीं खुले थे। शनिवार को भी कर्मचारी समय पर संबंधित बैंक शाखा पहुंचे, लेकिन ताला नहीं खुलने दिया। शाखा के सामने ही धरने पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। बैंक ऑफ बड़ौदा स्टाफ एसोसिएशन के अध्यक्ष आत्माराम मिश्र ने कहा कि बैंक कर्मचारी लंबे समय से विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुध लेने वाला नहीं है। 12 सूत्रीय मांग को लेकर जब भी आवाज बुलंद की जाती है, तो सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता है। इससे आगे प्रक्रिया नहीं बढ़ती है। अब इस प्रकार की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
महेश उपाध्याय व रंजीत कुमार ने कहा कि हक के लिए जो संघर्ष छेड़ा गया है, उससे अब अपने कदम पीछे नहीं हटाएंगे। हक को प्राप्त कर के ही रहा जाएगा। कहा कि यदि शीघ्र ही उनकी मागों का निस्तारण नहीं हुआ, तो राष्ट्रीय आह्वान पर 11 से 13 मार्च तक तीन दिनी हड़ताल की जाएगी। यदि इसके बाद भी उनकी सुध नहीं ली गई, तो 1 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। इस दौरान उधर दूसरे दिन भी हड़ताल के चलते उपभोक्ताओं को विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ा। धननिकासी व जमा करने के साथ ही विभिन्न कार्यों के लिए आए उपभोक्ताओं को मायूस होकर लौटना पड़ा।
बैंकों में हड़ताल का प्रतिकूल प्रभाव एटीएम सेवा पर भी पड़ा। बताते चलें कि विभिन्न बैंकों के लगभग 125 एटीएम जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित हैं। कैश की कमीं के चलते 75 से अधिक एटीएम के शटर नहीं खुल सके। इससे धननिकासी के लिए एटीएम पर पहुंचे उपभोक्ताओं को एक एटीएम से दूसरे एटीएम का चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ा। धननिकासी के पहुंचे राजन, सुरजीत व अरुण ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बैंकों में हड़ताल को देखते हुए एटीएम सेवा सुचारु रूप से संचालित हो सके, इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को गंभीरता दिखानी चाहिए थी।
बैंकों में दो दिन की हड़ताल से लगभग 400 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। 150 बैंक शाखाओं के ताले शनिवार को भी नहीं खुले। एटीएम सेवा का संचालन सुचारु रूप से हो सके, इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए थे।
- आशीष सिंह, एलडीएम