आलापुर (अंबेडकरनगर)। आज सूर्य मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इस राशि परिवर्तन के साथ ही खरमास समाप्त हो जाएगा। इसके साथ ही विवाह, गृह प्रवेश और अन्य शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाएगी। पिछले एक महीने से खरमास के कारण बाजारों में विवाह से संबंधित खरीदारी और तैयारियों पर विराम लगा हुआ था।
पंचमुखी हनुमान मंदिर रामनगर के पुजारी पंडित वरुण तिवारी ने बताया कि 13 अप्रैल से इस 9 संवत्सर का बैसाख माह आरंभ होते ही 14 अप्रैल को खरमास समाप्त हो जाएगा और उसी दिन से वैवाहिक लग्न आरंभ हो जाएंगे। बैसाख मास के दोनों पक्षों में कुल मिलाकर 30 दिनों में 15 दिन विवाह के मुहूर्त हैं। पंडित आशुतोष शुक्ला ने बताया कि ज्येष्ठ माह में आठ जून तक कुल 12 दिन लग्न हैं। 15 अप्रैल को मृत्युबाण व व्यतिपात योग होने से विवाह समेत अन्य मंगल कार्य नहीं होंगे। कृष्ण पक्ष में 30 अप्रैल तक कुल नौ लग्न व शुक्ल पक्ष में एक से 10 मई तक छह वैवाहिक लग्न होंगे। इसके पश्चात ज्येष्ठ माह में 14 मई से आरंभ कृष्ण पक्ष में 23 मई तक पांच तथा शुक्ल पक्ष में 28 मई से 10 जून तक छह लग्न मिलेंगे।
इस तरह वैवाहिक सत्र में 58 दिनों में कुल 27 दिन विवाह के मुहूर्त रहेंगे। इस बार शुभ मुहूर्त देवशयनी के 28 दिन पूर्व ही खत्म हो जाएंगे। छह जुलाई को ही देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु के चातुर्मास की योग निद्रा में चले जाने के कारण मांगलिक कार्य बंद हो चुके होंगे। देवोत्थान एकादशी एक नवंबर को है, लेकिन लग्न फिर भी मार्गशीर्ष द्वितीया 22 नवंबर से आरंभ हो सकेगा। सूर्य वृश्चिक में नहीं होने के कारण तथा शुक्र तुला राशि का होने के कारण कार्तिक माह में विवाह के लग्न नहीं हो सकते हैं। 22 नवंबर को आरंभ यह लग्न प्रायः प्रतिवर्ष 14 दिसंबर तक खरमास लगने तक जाता है, लेकिन इस बार यह पांच दिसंबर को ही शुक्र अस्त हो जाने के कारण मुहूर्त समाप्त हो जाएंगे। इसके बाद लग्न अगले वर्ष 16 जनवरी 2026 से आरंभ होंगे।
अप्रैल से जून तक विवाह की प्रमुख तिथियां
अप्रैल- 14, 16, 18, 19, 20, 21, 26, 29 व 30
मई- 1, 5, 6, 8, 9, 10, 14, 15, 17, 18, 22, 23 व 28
जून- 1, 2, 5, 7 व 8