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बनारसी व कानपुरी सेंवई का बाजार में दबदबा

Fri, 10 Jul 2015 11:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ अंबेडकरनगर
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ईद के मुख्य पकवान विभिन्न प्रकार की सेवइयों की जगह जगह दुकानें सज गई हैं। इस बार कानपुर व वाराणसी की सेवई की बिक्री अधिक हो रही है। साथ ही लच्छे वाली सेवई की भी मांग बढ़ रही है।
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इसके अलावा रेडीमेड कपड़ों सहित सौंदर्य प्रसाधन व जूता चप्पल की दुकानों पर भी प्रात: से ही खरीददारों की भीड़ पहुंचने लगती है। सेवई के दाम में गत वर्ष की अपेक्षा इस बार लगभग पांच प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसके बाद भी खरीददारी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।

जैसे जैसे पवित्र रमजान का आधा माह गुजरने के साथ ही लोगों में ईद को लेकर उत्साह बढ़ गया है। सबसे अधिक उत्साह बच्चों व युवाओं में है। वे ईद मनाने की योजना अभी से बनानेे लगे हैं। वैसे तो ईद पर्व चांद निकलने के आधार पर 18 या 19 जुलाई को है, लेकिन उसकी तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है।
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ईद के मद्देनजर जिला मुख्यालय सहित छोटी बड़ी बाजारों में रौनक बढ़ गई है। ईद के मुख्य पकवान विभिन्न प्रकार की सेवइयों की दुकानें जगह जगह सज गई हैं। बाजार में इस बार वाराणसी व कानपुरी सेवई का सबसे अधिक दबदबा है। इनके बीच रंगूनी व रूमाली सेवई भी अपनी पैठ बनाए हुए है।

वैसे तो विगत वर्ष की अपेक्षा इस बार सेवई के दाम में पांच प्रतिशत की वृद्धि हुई है, लेकिन इसकी खरीददारी पर कोई प्रभाव पड़ता नजर नहीं आता। शहजादपुर के सेवई व्यवसायी अब्दुल रऊफ ने बताया कि सेवई के दाम में वृद्धि अवश्य हुई है, लेकिन उसका खरीदारी पर कोई प्रभाव नहीं है।

शहजादपुर में सेवई की खरीददारी करते मोहम्मद शफीक व इसरार हुसैन ने कहा कि वर्ष में सिर्फ मौके आते हैं, जब ईद मनाई जाती है। ऐसे में इसकी खुशियों से किसी प्रकार का समझौता नहीं करते। अकबरपुर की रेशमा व जूही ने बताया कि सेवई से ही तो ईद की खुशियों में चार चांद लगता है।

इसलिए इसे लेकर कोई कोर कसर नहीं छोडना चाहते। उधर सेवई के अलावा रेडीमेड कपड़ों व जूता चप्पलों की भी लोग जमकर खरीददारी कर रहे हैं। शहजादपुर चौक स्थित रेडीमेड की दुकान करने वाले गोलू अग्रहरि ने बताया कि रेडीमेड कपड़ों की बिक्री में तेजी आई है। आने वाले दिनों में इसमें और भी तेजी आने की संभावना है।

जूता चप्पल की दुकान करने वाले मोहम्मद रईस ने कहा कि बनारस की चप्पलों की मांग इस बार अधिक है। इसके अलावा सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों पर भी प्रात: से ही महिलाओं व युवतियों का पहुंचना प्रारंभ हो जाता है, जो कि देर सायं तक चलता रहा है।
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