अंबेडकरनगर। नाबालिग को बहला-फुसलाकर साथ ले जाने और दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद युवक की जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहन कुमार ने खारिज कर दी।
कटका क्षेत्र के कोरझा गांव निवासी अंकुल उर्फ राणा प्रताप के खिलाफ पीड़िता की मां सीमा ने 31 अगस्त 2026 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि 29 अगस्त की रात युवक उसकी 16 वर्षीय बेटी को फोन कर घर से बाहर बुलाने के बाद शादी का झांसा देकर भगा ले गया।
जमानत अर्जी में आरोपी ने आरोपों को निराधार बताते हुए दावा किया कि पीड़िता अपनी मर्जी से उसके साथ गई थी। बचाव पक्ष ने बयानों में विरोधाभास और स्वतंत्र गवाह नहीं होने का तर्क दिया। अभियोजन ने जमानत का विरोध किया। न्यायालय ने पीड़िता के बयानों और घटना के समय उसकी नाबालिग उम्र को आधार बनाते हुए जमानत अर्जी निरस्त कर दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नाबालिग की सहमति का विधिक महत्व नहीं है। (संवाद)