गैंगरेप के आरोपी की जमानत अर्जी अपर जनपद न्यायाधीश सर्वेश कुमार ने खारिज कर दी है। आदेश में कहा गया कि यदि अभियुक्त को जमानत दी गई, तो वह साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकता है। 22 जुलाई 2016 को अकबरपुर थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी में कहा गया था कि लगभग 12 वर्षीय एक बालिका शाम पांच बजे करीब घर से शौच के लिए निकली थी।
इसी बीच दो व्यक्ति बाइक से आए और मुंह दबाकर उसे बैठा ले गए। इसके बाद इल्तिफातगंज के निकट एकांत में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। इससे वह बेहोश भी हो गई। घटना के बाद होश आने पर वह किसी तरह रोती हुई सड़क पर जा रही थी, तो एक व्यक्ति ने उसे रोककर सहारा दिया और सूचना दी।
इसके बाद पहुंचे परिवारीजन उसे लिवा ले आए और घटना को लेकर तहरीर दी। मामले में अधिकारियों के निर्देश पर अकबरपुर पुलिस ने रमेश गुप्ता समेत दो आरोपियों के विरुद्घ केस दर्ज किया। इसी मामले में अब रमेश ने जमानत के लिए प्रार्थनापत्र दिया।
अपर जनपद न्यायाधीश कक्ष संख्या एक सर्वेश कुमार ने मामले की सुनवाई में पाया कि प्रकरण गैंगरेप से जुड़ा है। जमानत से साक्ष्यों में छेड़छाड़ हो सकती है। ऐसे में उन्होंने अभियुक्त रमेश की जमानत अर्जी खारिज कर दी।