अंबेडकरनगर। शादी का झांसा देकर विधवा महिला के साथ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म और मारपीट के आरोप में जेल में बंद आरोपी देवर आलोक कुमार यादव की जमानत याचिका अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित-प्रथम की अदालत ने खारिज कर दी।
अकबरपुर क्षेत्र की एक महिला ने पुलिस को प्रार्थनापत्र देकर बताया था कि उसकी शादी वर्ष 2023 में हुई थी, लेकिन फरवरी 2024 में पति की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। आरोप है कि पति की मृत्यु के बाद ससुराल पक्ष ने बीमा राशि अपने नाम कराने के लिए महिला को दोबारा ससुराल बुलाया और देवर आलोक यादव से शादी कराने का भरोसा दिया।
पीड़िता का आरोप है कि इसी भरोसे के आधार पर आरोपी ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन बाद में शादी से इन्कार कर दिया। विरोध करने पर मारपीट और प्रताड़ना का भी आरोप लगाया गया है। बचाव पक्ष ने अदालत में दावा किया कि महिला ने आर्थिक लाभ लेने के उद्देश्य से झूठा मामला दर्ज कराया है और आरोपी घटना के समय बाहर शहर में था।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने केस डायरी, पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्यों का अवलोकन किया। न्यायाधीश परविंद कुमार ने आरोपी की जमानत याचिका निरस्त कर दी।