भूमि अधिग्रहण अध्यादेश वापस लेने, महिला हिंसा पर अंकुश लगाने सहित कई अन्य मांगें करते हुए कहा गया कि यदि उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हुआ तो आंदोलन छेड़ा जाएगा।
धरने का नेतृत्व कर रहे जिला सचिव राजाराम निषाद ने केंद्र व प्रदेश सरकारों पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को लाने का प्रयास किया जा रहा है, वह पूरी तरह किसान विरोधी है।
इसे तत्काल वापस लिया जाए। वक्ताओं ने मजदूरों व कर्मचारियों के शोषण व प्राकृतिक आपदा से ग्रस्त किसानों का ऋण माफ करने की भी मांग की। कहा कि मौजूदा समय में महिला हिंसा में तेजी से वृद्धि हुई है। इस पर अंकुश लगाने की आवश्यकता है।
कहा गया कि बिजली दर में तेजी से वृद्धि की जा रही है, लेकिन सुचारु विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। वक्ताओं ने 18 घंटे की निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग की। इस दौरान बाबूराम यादव, इंद्रजीत, अनिरुद्ध, राधेश्याम, रघुवीर आदि मौजूद रहे।