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जिला पंचायत के बाबू राज पर चला चाबुक

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अंबेडकरनगर। अमर उजाला की खबरों ने एक बार फिर तगड़ा असर दिखाया है। जिला पंचायत में बाबू राज को लेकर खबर प्रकाशन के बाद डीएम का चाबुक चल गया है। वर्षों से ही एक पटल पर जमे लिपिकों का पटल बदल दिया गया है, जबकि कर निरीक्षक व कर समाहर्ता के ब्लॉकों में भी फेरबदल कर दिया है। इससे पहले शनिवार को पूर्वाह्न डीएम राकेश कुमार मिश्र जिला पंचायत कार्यालय के औचक निरीक्षण पर पहुंच गए। कई तरह की लापरवाही पर अपर मुख्य अधिकारी को डांट लगाते हुए डीएम ने सभी व्यवस्थाओं को अविलंब चाक चौबंद करने को कहा।
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बीते दिनों जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त होने के बाद बतौर प्रशासक डीएम राकेश कुमार मिश्र ने कार्यभार संभाल रखा है। प्रशासक बनने के साथ ही डीएम दो बार जिला पंचायत पहुंचकर वहां जरूरी निर्देश दे चुके हैं। इसी बीच सिर्फ अमर उजाला ने डीएम के दौरे के बाद यह तथ्य प्रकाशित किया कि जिला पंचायत में कई बाबू ऐसे हैं, जो एक ही कुर्सी पर दस से 15 वर्ष से जमे हुए हैं। अन्य कर्मचारियों के भी वर्षों से एक ही पद ब्लॉक में तैनात रहने की खबर प्रकाशित हुई। पूरे जिले में अमर उजाला की यह खबर बड़ी चर्चा का विषय बनी रही।
खबर सामने आने के बाद डीएम ने इसे गंभीरता से लिया और अपर मुख्य अधिकारी को मौखिक निर्देश भी दिए। इसके बाद से जिला पंचायत में पटल परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो गई, लेकिन अभी पूरी नहीं हो पाई थी। इसी बीच कई बैठकों में भाग लेने के बाद डीएम शनिवार दोपहर को अचानक जिला पंचायत कार्यालय पहुंच गए। डीएम के अचानक पहुंचने से कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। डीएम ने वहां विधिवत निरीक्षण कर कई तरह की लापरवाही व मनमानी पर कड़ी फटकार लगाई। अलग-अलग लिपिकों ने बताया कि वे वर्षों से एक ही पटल पर तैनात हैं। डीएम ने निर्देशित किया कि तत्काल प्रभाव से आज ही वर्षों से एक पद पर जमे कर्मचारियों के पटल व ब्लॉक में परिवर्तन सुनिश्चित कर उनका चार्ज सुनिश्चित कराया जाए।
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डीएम की इस सख्ती का असर यह हुआ कि शाम होते-होते जिला पंचायत में बाबू राज का खात्मा होता दिखा। छह वर्ष से नक्शा एवं पेंशन में तैनात सुनील कुमार तिवारी को निर्माण अनुभाग, तेरह वर्ष से कर अनुभाग में तैनात राजीव को निर्माण अनुभाग, 11 वर्ष से संपत्ति अनुभाग में तैनात इस्लाम को लेखा लिपिक एवं पेंशन, आठ वर्ष से अधिष्ठान में तैनात मुख्य लिपिक रामनेवल कनौजिया को अनुभागीय मुख्य लिपिक कर अनुभाग के साथ साथ संपत्ति व नक्शा अनुभाग, आठ वर्ष से निर्माण अनुभाग में तैनात दिनेश कुमार पांडेय को अधिष्ठान व चुनाव कार्य, आठ वर्ष से निर्माण में तैनात दुर्गा सिंह को स्टोर कीपर, तेरह वर्ष से कैशियर पद पर तैनात राजीव को निर्माण अनुभाग, नौ वर्ष से लेखा लिपिक पद पर तैनात चंद्रशेखर यादव को कैशियर के साथ मुकदमा व आडिट एवं बालू मोरंग, ग्यारह वर्ष से कर अनुभाग में तैनात कांती देवी को निर्माण अनुभाग, तीन वर्ष से कर अनुभाग में तैनात प्रवीण उपाध्याय को निर्माण अनुभाग, तीन वर्ष से कर अनुभाग में तैनात गगनपाल सिंह को निर्माण अनुभाग तथा एक वर्ष से स्टोर कीपर आदर्श वर्मा को कर अनुभाग की जिम्मेदारी सौंप दी गई।
इसके साथ ही वर्षों से ही एक ब्लॉक में जमे कर निरीक्षकों अरविंद कुमार वर्मा, रोहन कुमार, रामनयन प्रसाद व शैलेंद्र उपाध्याय तथा कर समाहर्ता संजय सिंह, अनिल सिंह, दीपचंद्र वर्मा, रमेश तथा आलोक त्रिपाठी को एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में भेज दिया गया।
उधर, डीएम की इस सख्ती के बाद हुए फेरबदल को लेकर कर्मचारियों में हड़कंप का माहौल रहा। लंबे समय से महत्वहीन ब्लॉक व पटल पर तैनात कर्मचारियों ने जहां खुशी का इजहार किया, वहीं जिला पंचायत से जुड़े तमाम नागरिकों ने कहा कि निश्चित रूप से डीएम के इस फैसले से ज्यादा पारदर्शिता सामने आएगी। नागरिकों ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए अमर उजाला का भी आभार जताते हुए कहा कि दस-दस वर्ष से तक एक पटल पर कब्जा जमाए रखने की परंपरा का समापन सिर्फ अमर उजाला के प्रयासों के चलते हो सका है। निश्चित रूप से इसका लाभ जिला पंचायत के कार्यों एवं विकास आदि में देखने को मिलेगा।
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