महरुआ। विद्युत उपकेन्द्र के कर्मचारियों के लिए बना आवास मौजूदा समय में जर्जर होकर रह गया है। इससे उपकेन्द्र पर तैनात कर्मचारियों को बाहर किराए के कमरे में रहने के लिए विवश होना पड़ रहा है। लम्बे समय से जर्जर चल रहे भवन की सुध विद्युत विभाग नहीं ले रहा है। इसके चलते कर्मचारियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन कोई परिणाम सामने नहीं आ सका। अधिकांश कर्मचारी तो अपने आवास को छोड़ चुके हैं।
बताते चलें कि महरुआ विद्युत उपकेन्द्र के कर्मचारियों के लिए करीब चार दशक पहले आवास का निर्माण हुआ था। गुणवत्ता ठीक न होने की वजह से वह मौजूदा समय में जर्जर हो चुका है। इसके चलते अधिकांश कर्मचारी आवास को छोड़कर किराए के कमरे में रहने के लिए विवश हैं। कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कई बार इसकी शिकायत विभागीय उच्चाधिकारियों से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। इसके चलते उन लोगों को मजबूरन किराए के कमरे में रहना पड़ रहा है।
कुछ कर्मचारी रहते हैं, लेकिन बारिश शुरू होने पर उन्हें अपने सामानों को सुरक्षित रखने का संकट खड़ा हो जाता है। कई आवास के तो खिड़की व दरवाजे भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। जंगली घास फूस उग आयी है। कर्मचारियों ने विभागीय उच्चाधिकारियों से अविलंब नए आवास का निर्माण कराए जाने की मांग की है। उधर जेई रविंद्र पाल ने बताया कि मकान बहुत पुराने हैं और जर्जर हो गए हैं। पत्राचार चल रहा है, बजट मिलने पर नए भवन का निर्माण कराया जाएगा।