हजपुरा। सम्मनपुर क्षेत्र में रविवार शाम उलटी दिशा से आ रही तेज रफ्तार बाइक को बचाने में ऑटो पलट गया। हादसे में चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसमें सवार 10 लोग घायल हो गए। हादसे में बाइक सवार चाचा-भतीजे भी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
अकबरपुर कांशीराम आवास कटरिया याकूपुर निवासी शाहबान (22) ऑटो चालक थे। रविवार दोपहर लगभग साढ़े तीन बजे रेलवे स्टेशन से यात्रियों को लेकर अशरफपुर किछौछा दरगाह के लिए जा रहे थे। आजमगढ़-अकबरपुर मार्ग पर वे पलई रामनगर सीएनजी भरवाकर बसखारी की ओर जा रहे थे। पेट्रोल पंप से लगभग 100 मीटर की दूरी पर ऑटो चालक ने अचानक तेज रफ्तार से आ रही बाइक को देखा। बाइक सवारों को बचाने के प्रयास में तेजी से ब्रेक लगाया, जिससे ऑटो अनियंत्रित हो गया। इसी दौरान, ऑटो चालक का सिर ऑटो के शीशे से टकराया और फिर एक लोहे की रॉड उसके सिर में धंस गई, जिसके कारण उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। ऑटो में सवार करीब 10 यात्रियों को भी चोटें आई हैं।
दुर्घटना में बाइक सवार आजमगढ़ के अतरौलिया निवासी मोनू (30) और उनके चाचा कृष्णा गंभीर रूप से घायल हो गए। कृष्णा ने बताया कि वे अपनी बेटी के विवाह का निमंत्रण पत्र लेकर अकबरपुर हवाई पट्टी के निकट एक रिश्तेदार के घर जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक सवारों ने हेलमेट नहीं पहना था, जिसके कारण उन्हें सिर में गंभीर चोटें आईं। जिला अस्पताल में मोनू की हालत नाजुक होने पर डाॅक्टरों ने राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर रेफर कर दिया। थानाध्यक्ष दिनेश सिंह ने बताया कि तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
भांजे की मौत पर मौसी हुईं अचेत
मृतक की मौसी अनवरी भतीजे की मौत की खबर सुनते ही बेसुध हो गईं। उन्होंने बताया कि उनकी बहन बिन्नी का विवाह अकबरपुर के मुरादाबाद निवासी नफीस के साथ हुआ था। दो बेटे शाहबान व साहिल के जन्म के बाद बहनोई काम के सिलसिले में दिल्ली चले गए। कुछ साल बाद छोटे बेटे साहिल को भी अपने साथ लेकर चले गए थे। बड़ा बेटा शाहबान बचपन से ही उनके पास रहता था। रविवार को सुबह ऑटो लेकर घर से रेलवे स्टेशन गया था। शाम को अचानक उसकी मौत की खबर मिलते ही वह अचेत हो गईं।