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प्रशासन ने रोका एनटीपीसी का निर्माण कार्य

Mon, 18 Jan 2016 10:10 PM IST
अबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूरो
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इससे पहले एनटीपीसी तथा अभियोजन विभाग की तरफ से अलग-अलग विरोधाभासी तर्क रखे गए। एनटीपीसी का कहना था कि यथास्थिति का आदेश मौजूदा परिस्थितियों पर लागू नहीं होता। यह भी कहा गया कि रोक से काफी नुकसान होगा।
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दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक चले विचार-विमर्श के बाद जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का सम्यक परीक्षण होने तक किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाए।

मालूम हो कि एनटीपीसी टांडा इकाई के विस्तारीकरण की प्रक्रिया इन दिनों चल रही है। प्रभावित होने वाले नौ गावों के तमाम किसानों ने भूमि के बदले मुआवजा आदि तो स्वीकार कर लिया है, लेकिन कई किसान ऐसे हैं जो इस विस्तारीकरण के विरोध में खड़े हैं।
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उन्हीं में से एक सलाहपुर राजौर निवासी सुग्रीव वर्मा व अन्य ने बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट  में याचिका दायर की थी। इस पर उच्चतम न्यायालय ने यथास्थिति का निर्देश दिया था। इससे किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई थी। एनटीपीसी प्रशासन का मानना था कि न्यायालय का जो फैसला है, वह निर्माण रोकने से संबंधित नहीं है।

कब्जे पर यथास्थिति का आदेश दिया गया है और भूमि पर कब्जा एनटीपीसी को मिल ही चुका है। एनटीपीसी के इसी रुख को देखते हुए सोमवार को इर्दगिर्द गावों के कई किसान भाजपा नेताओं के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे और वहां जिलाधिकारी विवेक से मुलाकात की।

डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पक्षों को तलब किया। एनटीपीसी की तरफ से आए अधिकारियों ने तर्क रखा कि निर्माण पर रोक का कोई आदेश न्यायालय ने नहीं दिया है।

दूसरी तरफ अभियोजन अधिकारी व जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व का कहना था कि सु्प्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि यथास्थिति का पालन आज के दिन के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए। ऐसे में इसके बाद अब वहां पर किसी भी प्रकार का कार्य कराया जाना कतई उचित नहीं है।

इसे लेकर दोनों ही पक्षों द्वारा अपने अपने तर्क रखे जा रहे थे। इसी बीच एनटीपीसी के निकट से आए ग्रामीणों ने बताया कि भूमि पर कब्जे के दौरान जिला प्रशासन के हस्तक्षेप पर एनटीपीसी प्रशासन ने जो वायदे किए थे, वह पूरे नहीं किए।

इसके बाद डीएम ने तत्काल फैसला सुनाते हुए कहा कि फैसले का सम्यक परीक्षण होने तक तत्काल प्रभाव से कार्य रोक दिया जाए। डीएम ने इसके बाद महाप्रबंधक एनटीपीसी से टेलीफोन पर वार्ता की और विस्तारीकरण से जुड़े सभी कार्य तत्काल रोक देने का निर्देश दिया।
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