जलालपुर (अंबेडकरनगर)। जैतपुर क्षेत्र की एक महिला को उसके पति द्वारा तीन तलाक देने और फिर बंधक बनाकर जिंदा जलाने की कोशिश का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर पति, ननद और ससुर के खिलाफ दहेज प्रताड़ना सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
जैतपुर के पैकोलिया नेवादा निवासी तबस्सुम का निकाह करीब नौ वर्ष पूर्व आजमगढ़ के सरायमीर क्षेत्र निवासी शाहे आलम के साथ हुआ था। तबस्सुम का एक आठ साल का बेटा भी है। आरोप है कि शादी के बाद से ही पति शाहे आलम, ननद सरीफुलनिशा और ससुर सेराज अहमद दस लाख रुपये की अतिरिक्त मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करने लगे। पीड़िता के अनुसार, प्रताड़ना का सिलसिला लगातार जारी रहा।
12 अप्रैल 2026 को पति ने तबस्सुम को तीन तलाक दे दिया, लेकिन उसे घर से जाने नहीं दिया और बंधक बना लिया। 16 अप्रैल 2026 को ससुराल वालों ने महिला और उसके बच्चे की बेरहमी से पिटाई की। इसके बाद उसे कमरे में बंद कर जिंदा जलाने का प्रयास किया गया। शोर सुनकर पड़ोसियों ने बीच-बचाव कर दोनों की जान बचाई। पीड़िता ने बताया कि मायके और ससुराल पक्ष के बीच सुलह के लिए कई पंचायतें हुईं, लेकिन कोई हल नहीं निकला। वर्तमान में पुलिस ने प्राथमिकी तो दर्ज कर ली है, लेकिन अभी इसमें मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम की धारा नहीं जोड़ी गई है। वहीं थाना प्रभारी धीरेंद्र आजाद ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जांच के आधार पर मुस्लिम विवाह अधिनियम की धाराएं बढ़ाई जाएंगी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।