अंबेडकरनगर। कटेहरी के बंदनडीह में श्रीमद्भागवत कथा में सोमवार को प्रवाचक श्रवण कुमार पांडेय ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। प्रवाचक ने कहा कि सच्चा धनवान वही है जो अपने तन, मन और धन से सेवा और भक्ति करता है। परमात्मा की प्राप्ति किसी दिखावे से नहीं, बल्कि सच्चे प्रेम और समर्पण से होती है।
पूतना राक्षसी जब बालकृष्ण को विषपान कराने आई, तब भी श्रीकृष्ण ने उसके प्राण हरते हुए उसका कल्याण कर दिया। मातृत्व रूप से आए किसी भी प्राणी को भगवान अपने चरणों में स्थान देते हैं। पूतना वध के बाद माता यशोदा ने भगवान श्रीकृष्ण को पंचगव्य गोबर, गोमूत्र, दूध, दही और घी से स्नान कराया। गायों की सेवा करने से 33 कोटि देवताओं की सेवा एक साथ हो जाती है।बृजवासियों ने इंद्र पूजा छोड़कर गिरिराज पूजन किया तो क्रोधित इंद्र ने भारी वर्षा कराई। तब श्रीकृष्ण ने कनिष्ठा अंगुली पर सात दिन तक गिरिराज को उठाकर बृजवासियों की रक्षा की और इंद्र का अहंकार दूर किया। प्रवाचक ने कहा कि यदि अपने धर्म को जानना है तो गीता, भागवत और रामायण का अध्ययन करें। इस दौरान मुख्य यजमान चंडी प्रसाद, रामा तिवारी, सुभद्रा तिवारी, शिवनारायण, जयनारायण तिवारी, राजीव कुमार व अन्य उपस्थित रहे।