अंबेडकरनगर में सोमवार को बंद पड़ा रहा एसबीआई का एटीएम।
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जिले में एटीएम व्यवस्था बेपटरी दिख रही है। इससे रुपये निकालना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। सोमवार को एक बार फिर लोगों को धन निकासी के लिए एक एटीएम से दूसरे एटीएम बूथ तक भटकना पड़ा। इससे उपभोक्ताओं को काफी दिक्कतों का सामना पड़ा।
बैंकों द्वारा भले ही 24 घंटे धन निकासी की सुविधा देने के लिए एटीएम कार्ड जारी किए जा रहे हों लेकिन इसका लाभ उपभोक्ताओं को सुचारु ढंग से नहीं मिल पा रहा है। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक में स्थापित ज्यादातर एटीएम बूथ सुचारु रूप से नहीं चल पा रहे हैं।
जो इक्का-दुक्का चलते भी हैं, उन पर उपभोक्ताओं की भीड़ इतनी अधिक हो जाती है कि कुछ ही देर में एटीएम में करेंसी का टोटा हो जाता है। सोमवार को एक बार फिर जिले के कई एटीएम बूथों में यह समस्या देखने को मिली। कहीं एटीएम आउट ऑफ सर्विस थे तो कहीं तकनीकी खराबी का बोर्ड लगा था।
ऐसे भी एटीएम की संख्या कम नहीं थी जहां धन न होने की सूचना पढ़कर लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा। बैंक प्रबंधन की इस लचर व्यवस्था से तमाम उपभोक्ताओं को काफी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है।
उपभोक्ता काफी उम्मीद के साथ एटीएम बूथ तक पहुंचते हैं, और जब यह समस्या देखते हैं तो उन्हें स्वयं पर ही काफी खीझ होती है। बेवाना के जयराम यादव व मनोज कुमार ने बताया कि वह धन निकासी के लिए रविवार को भी जिला मुख्यालय पर आए थे लेकिन पैसा नहीं मिल पाया।
सोमवार को बड़ी उम्मीद के साथ सुबह सात बजे ही मुख्यालय पहुंचा तो भी रुपये नहीं निकले। अन्नावां के मनोज भी पैसे के लिए एक एटीएम से दूसरे एटीएम बूथ का चक्कर काटने के बाद मायूस होकर ही लौट गए।
बताया कि बैंक शाखा खुली थी लेकिन भीड़ इतनी अधिक थी कि हिम्मत ही नहीं पड़ी। उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से इसे गंभीरता से लेने का आह्वान किया।