धार्मिक स्थानों पर आम लोगों की सुरक्षा को लेकर बेफिक्री यहां भी फैली हुई है। जिला मुख्यालय के निकट पवित्र शिव बाबा परिसर में उमड़ने वाली भीड़ को संभालने के यहां कोई इंतजाम नहीं है। खानापूर्ति के लिए सिर्फ दो-तीन सिपाहियों को खड़ा कर दिया जाता है। ऐसे में किसी बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता।
सोमवार को देवघर के बैद्यनाथ धाम में दर्शन के दौरान के मची भगदड़ में 11 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, जबकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु घायल हो गए थे। धार्मिक स्थलों पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए समुचित सुरक्षा व्यवस्था न किए जाने का ही यह परिणाम था। सुरक्षा को लेकर कुछ ऐसी बेफिक्री यहां भी फैली हुई है।
प्रमुख पर्वों पर धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, लेकिन उनकी सुरक्षा भगवान भरोसे ही है। अकबरपुर नगर से सटे पवित्र शिव बाबा धाम में वैसे तो प्रत्येक सोमवार व शुक्रवार को पूजन अर्चन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, लेकिन प्रमुख पर्वों में यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या आम दिनों की अपेक्षा कई गुना अधिक होती है।
श्रद्धालुओं की भीड़ का फायदा अक्सर यहां उचक्के उठाते रहते हैं। सुरक्षा के नाम पर यहां मात्र दो-तीन पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी जाती है।
सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रमाकांत मिश्र कहते हैं कि धार्मिक स्थलों पर पूजन अर्चन के लिए उमड़ने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध होने चाहिए। विशेष रूप से शिव बाबा धाम में सुरक्षा के व्यापक इंतेजाम किए जाने चाहिए। अक्सर पुलिस प्रशासन सुरक्षा को लेकर तब सक्रिय होता, जब कोई हादसा हो जाता है। पवित्र शिवबाबा के महंत ओमप्रकाश गोस्वामी ने कहा कि श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए यहां सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जाने की जरूरत है।