इससे उद्योग-धंधे प्रभावित हो रहे हैं। कुछ व्यापारियों ने तो कनेक्शन ही कटवा दिया है। उधर बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटे छात्र छात्राओं को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
मालूम हो कि अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र का सबसे लंबा फीडर साउथ वेस्ट है। इस पर लोड अधिक है। इसी से राइसमिल सहित अन्य उद्योग धंधों को भी कनेक्शन दिए गए हैं। पर्याप्त विद्युत आपूर्ति न मिल पाने के कारण कई राइसमिलरों व अन्य उद्योग धंधों वालों ने कनेक्शन कटवा दिया है।
उपभोक्ताओं की मानें तो इस फीडर से जिस रोस्टर के मुताबिक आपूर्ति दी जाती है, उससे उपभोक्ताओं का लाभ नहीं मिल पाता है। इस फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं को सुबह व शाम के समय आपूर्ति नहीं दी जाती है। रात में आपूर्ति अक्सर साढ़े 9 बजे के बाद ही आती है, तब तक ग्रामीण क्षेत्रों में लोग भोजन आदि कर चुके होते हैं। ऐसे में उनके लिए बिजली का कोई खास महत्व तब नहीं रह जाता। यही हाल दिन का भी है।
उपभोक्ता राजेन्द्र तिवारी, नरेन्द्र सिंह व सियाराम आदि की मानें तो विभाग को उपभोक्ताओं के हितों को देखते हुए सुबह व शाम के समय विद्युत आपूर्ति का रोस्टर तय करना चाहिए। इससे सभी उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिल सके। कहा कि बोेर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं।
छात्र छात्राएं बोर्ड परीक्षा की तैयारियों में जुटे हैं। छात्र हित को देखते हुए शाम 5 बजे से रात्रि 10 बजे तथा सुबह 4 बजे से विद्युत आपूर्ति करनी चाहिए। उपभोक्ता ओमप्रकाश तिवारी ने बताया कि विभाग की इसी मनमानी से कई उद्योग धंधा वालों ने अपना कनेक्शन ही कटवा दिया।
बिजली तो उन्हें पर्याप्त नहीं मिल पा रही थी और बिल हर माह आ रहा था। ऐसे में उन्हें उद्योग चलाने के लिए न सिर्फ डीजल चालित मशीनों का सहारा लेना पड़ रहा था, बल्कि बिजली का बिल भी भरना पड़ रहा था। ऐसे में वह कनेक्शन कटवाना ही उचित समझ रहे हैं।