अकबरपुर स्थित बलरामपुर चीनी मिल।स्रोत : विभाग
अंबेडकरनगर। जिले के गन्ना किसानों के लिए अच्छी खबर है। बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड की अकबरपुर इकाई की पेराई क्षमता 7,500 टन प्रतिदिन से बढ़ाकर 10,000 टीसीडी किए जाने के प्रस्ताव को लोक सुनवाई में सर्वसम्मति से मंजूरी मिल गई। क्षमता विस्तार से क्षेत्र के हजारों गन्ना किसानों को अपनी उपज की शीघ्र पेराई का लाभ मिलेगा, वहीं मिल की उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि होगी।
शुक्रवार को ग्राम मिझौड़ा स्थित अकबरपुर चीनी मिल परिसर में उत्तर प्रदेश पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अयोध्या की ओर से आयोजित लोक सुनवाई की अध्यक्षता डीएम ईशा प्रिया ने की। मिल प्रबंधन ने पेराई क्षमता विस्तार की विस्तृत योजना प्रस्तुत की। पर्यावरणीय सलाहकार डॉ. मनोज गर्ग ने प्रस्तावित विस्तार, उसके संभावित पर्यावरणीय प्रभावों तथा उनके प्रबंधन के उपायों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुए बताया कि क्षमता वृद्धि के साथ पर्यावरण संरक्षण के सभी निर्धारित मानकों का पालन किया जाएगा।
सभी पहलुओं पर चर्चा के बाद लोक सुनवाई में मौजूद क्षेत्रवासियों ने अकबरपुर चीनी मिल की पेराई क्षमता 7,500 टीसीडी से बढ़ाकर 10,000 टीसीडी किए जाने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान कर दी। क्षमता विस्तार को जिले के गन्ना किसानों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। एजीएम सुशील कुमार ने बताया कि पेराई क्षमता बढ़ने से सत्र के दौरान 20 से 25 लाख क्विंटल तक अधिक गन्ना कम समय में पेरा जा सकेगा। इससे किसानों को आपूर्ति करने में अधिक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सुनवाई में क्षेत्रीय अधिकारी आरवी सिंह, एसडीएम भीटी नीरज गौतम, मिल इकाई प्रमुख पंकज शाही, पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. मनोज गर्ग, क्षेत्र के किसान तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।