अंबेडकरनगर जिले में मॉडल गांव बनाए जाने की तैयारियों के बीच सांसद आदर्श गांव बनाने की योजना ठंडे बस्ते में चली गई है। सांसद आदर्श गांव योजना में चयनित जलालपुर के उसरहा तथा कटेहरी के हीड़ीपकड़िया गांव में आठ साल बाद भी शहरी सुविधाएं मुहैया कराने का दावा फाइलों में ही बंद है।
दोनों ही गांव क्षेत्र में पानी की टंकी स्थापित कर ग्रामीणों को पाइपलाइन से पेयजल उपलब्ध कराने तथा कुछ मार्गों को पिच कराए जाने के अलावा सांसद आदर्श गांव योजना के तहत शहरी सुविधा युक्त बनाने के बाकी सभी दावे अधूरे साबित हुए। दोनों ही गांव में पीएचसी, बैंक व बड़ी बाजार की स्थापना के लिए प्रस्ताव तक तैयार नहीं हो पाए।
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सांसद आदर्श गांव को उनकी बदहाली के सहारे छोड़कर जिला पंचायत राज विभाग अब अलग अलग ब्लाकों में 28 गांवों को चिह्नित कर उन्हें मॉडल गांव बनाने की कवायद में जुट गया है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2014 में गांवों के चौमुखी विकास के लिए सांसद आदर्श ग्राम योजना की शुरुआत की थी।
इसके तहत सांसद द्वारा गोद लिए गए गांव को अलग अलग विभागों द्वारा विकास कार्य कराकर शहर जैसी सुविधाओं से आच्छादित बनाना था। योजना के तहत तात्कालिक सांसद हरिओम पांडेय ने कटेहरी विकास खंड के हीड़ी पकडिय़ा तथा जलालपुर विकास खंड के उसरहा के अलावा बसखारी के एक गांव का चयनित कर गोद लिया था। योजना में अंगीकार होने से यहां के ग्रामीणों में गांव का स्वरूप बदल जाने की उम्मीद जगी थी।
नहीं खुला बैंक, पीएचसी भी फाइलों में
सांसद आदर्श गांव के तहत गोद लिए गए उसरहा गांव में विकास के नाम पर सिर्फ ओवरहेड टैंक के निर्माण के साथ ही उसके संचालन के लिए चहारदीवारी से घिरा एक परिसर दिखाई पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि इससे लगभग 800 कनेक्शन पेयजल के लिए दिए गए थे। इनमें से बड़ी तादाद में ग्रामीणों के घरों में अब भी पानी नहीं आ रहा है। जिरिवइया पुरवे में अभी तक पाइपलाइन तक नही पहुंच पाई है। इसी तरह पंचायत भवन का निर्माण तो हुआ लेकिन फर्श का निर्माण होना बाकी है। गांव के पुरवों को पिच मार्ग से जोड़ने की कोशिश तो हुई लेकिन निर्माण में बरती गई धांधली के चलते सड़क जगह जगह उखड़ गई है। मार्ग प्रकाश के लिए खंभे तो लगे हैं लेकिन इन पर रोशनी के कोई इंतजाम नहीं दिखते। ग्रामीणों ने बताया कि सांसद आदर्श गांव के तहय यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित कराने, बहुउद्देशीय बाजार बनाने व बैंक खुलवाने का वायदा फाइलों में ही सिमट कर रह गया है।
क्षतिग्रस्त हो रहा खड़ंजा, पिच मार्ग का इंतजार
कटेहरी विकास खंड के हीड़ी पकडिय़ा गांव के ग्रामीणों की उम्मींद थी कि सांसद आदर्श गांव में चयनित होने के बाद उनका गांव भी विकास कार्यों की दौड़ में सरपट भागेगा। इसके बावजूद आठ साल बाद भी यहां पर विकास के नाम पर बस एक ओवरहेड टैंक की स्थापना कर करीब 500 ग्रामीणों को पेयजल का कनेक्शन ही दिया गया। गांव में बारात घर बनाने का कार्य तो हुआ लेकिन इलाज के लिए पीएचसी बनवाने की मांग अधूरी ही रही। मार्ग प्रकाश के लिए लगे सोलर लाइट में से ज्यादातर अब काम नहीं करती। सबसे ज्यादा परेशानी कई मार्गों के पक्का न हो पाने के कारण हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यहां सामुदायिक शौचालय तो बनवा दिया गया लेकिन उसमें अब तक बिजली का कनेक्शन तक नही हो पाया है।
तय होगा समुचित विकास
वर्ष 2014 से शुरू हुई इस योजना में शामिल किए गए तीन गांवों के विकास से जुड़े बचे हुए कार्य जल्द ही पूरे कराए जाएंगे। बीते दिनों ही इसे लेकर जिलाधिकारी के साथ एक बैठक भी की गई है। जल्द ही योजना के तहत गोद लिए गए इन गांव क्षेत्रों का दौरा कर ग्रामीणों के फीडबैक के आधार पर अधूरे पड़े जरूरी कार्यों को पूरा कराया जाएगा।
हरिओम पांडेय, एमएलसी व पूर्व सांसद
डीएम सैमुअल पॉल एन का कहना है कि सांसद आदर्श गांव योजना के तहत चिह्नित तीनों गांवों के लिए स्वीकृत कार्ययोजनाओं को पूरा कराकर इसका फायदा क्षेत्रीय ग्रामीणों को दिलवाया जाएगा। इस संबंध में जल्द ही तीनों गांवों का निरीक्षण कराकर कराए जाने वाले विकास कार्यों की एक रिपोर्ट भी तैयार कराई जाएगी।