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Ambedkar Nagar News: इमरजेंसी में एंटी वेनम मौजूद, मासूम को देना भूल गए

Sat, 28 Sep 2024 11:38 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
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कटेहरी (अंबेडकरनगर)। सर्पदंश के शिकार ढाई वर्षीय मासूम को लेकर परिजन रोते भागते जिला अस्पताल पहुंचे तो वहां उसे एंटी स्नेक वेनम ही नहीं लगाया गया। एंटी बायोटिक इंजेक्शन लगाने के साथ ही उसे कुछ और दवाएं दी गईं। इसके बाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां पहुंचते ही चिकित्सकों ने बालक को मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि जो रेफर पर्चा बनाया गया उसमें भी एंटी वेनम देने का उल्लेख नहीं था।
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अहिरौली के दुल्लापुर गांव निवासी जगदीश वर्मा की पत्नी ढाई वर्षीय बेटे अयांश को लेकर बेड पर सो रही थी। शनिवार भोर में अयांश के चीखने पर उसकी आंख खुली तो देखा तो बेड से एक सांप नीचे गिरा और भाग निकला। परिजन आनन फानन मासूम को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। परिजनों के अनुसार उसे वहां भर्ती कर लिया गया। कुछ इंजेक्शन देने के साथ ही ग्लूकोज की बोतल लगा दी गई। लगभग 40 मिनट के बाद उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। पिता जगदीश के अनुसार चिकित्सकों ने कहा कि यहां बाल रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। इसलिए तत्काल मेडिकल कॉलेज ले जाइए।
परिजन मासूम को लेकर किसी तरह मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इससे परिजनों में चीखपुकार मच गई। अयांश जगदीश का इकलौता पुत्र था। जगदीश ने बताया कि मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर चिकित्सक रेफर पर्चा देख सन्न रह गए। उन्होंने कहा कि मासूम को एंटी स्नेक वेनम तो दिया ही नहीं गया। यदि इसे दिया गया होता तो स्थिति नियंत्रण में हो जाती। पिता ने इस पर एक वीडियो के माध्यम से जिला प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच व कार्रवाई की मांग की है।
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सीएमएस डॉ. ओमप्रकाश का कहना है कि प्रकरण संज्ञान में आया है। इमरजेंसी की जांच की गई तो वहां पर्याप्त एंटी स्नेक वेनम मौजूद है। साथ ही रिकॉर्ड में बच्चे को एंटी स्नेक वेनम दिए जाने का उल्लेख है। कई बार रेफर पर्चे में दवाएं लिखने की मानवीय चूक हो जाती है।
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