अंबेडकरनगर। यदि किसी को सांप ने डस लिया है, तो बहुत सोच समझकर ही जिला अस्पताल में इलाज के लिए जाएं। कारण यह है कि जिला अस्पताल में सर्पदंश के पीड़ितों की समुचित इलाज की सुविधा ही नहीं है। सर्पदंश के शिकार पीड़ितों के इलाज को लेकर अस्पताल प्रशासन कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 17 अगस्त से ही जिला अस्पताल में एंटी स्नैक वेनम समाप्त है। ऐसे में सर्पदंश के शिकार होकर जिला अस्पताल आने वाले पीड़ितों को रेफर कर दिया जा रहा है। इससे नाराज तीमारदारों का कहना है कि मरीजों का समुचित इलाज सुनिश्चित हो सके, इसके लिए जिम्मेदारों को ठोस कदम उठाना चाहिए।
जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। न तो सुचारु रूप से सीटी स्कैन हो रहा है और न ही डिजिटल एक्स-रे का ही समुचित लाभ मरीजों को मिल पा रहा है। विलंब से चिकित्सकों का अस्पताल पहुंचना और समय से पहले ही अस्पताल छोड़कर चले जाना एक आम बात हो गई है। सफाई व्यवस्था भी बेपटरी हो गई है। पेयजल व प्रकाश की समस्या लंबे समय से जिला अस्पताल में बनी हुई है।
मरीजों व उनके तीमारदारों को बेहतर व सस्ते में समुचित इलाज सुनिश्चित कराने को लेकर जिम्मेदार कितना गंभीर हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिला अस्पताल में एंटी स्नैक वेनम ही नदारद हो गया। बताते चलें कि लगभग एक पखवाड़ा पूर्व भी एंटी स्नैक वेनम समाप्त हो गया था। लगभग एक सप्ताह बाद जिला अस्पताल को शासन से उपलब्ध हुए थे, लेकिन शनिवार को एक बार फिर से एंटी स्नैक वेनम समाप्त हो गए।
नतीजा यह है कि जिला अस्पताल आने वाले सर्पदंश के पीड़ितों को यहां रेफर कर दिया जा रहा है। इससे मरीजों व उनके तीमारदारों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। तीमारदार राकेश कुमार व संतराम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि मरीजों का समुचित इलाज सुनिश्चित हो सके, इसके लिए जिम्मेदारों को गंभीरता दिखानी होगी। अब जबकि मौजूदा समय में बरसात के चलते सर्पदंश की घटनाएं बढ़ गई हैं, तो ऐसे में एंटी स्नैक वेनम समाप्त होना अत्यंत चिंताजनक है।
शासन को भेजा गया पत्र
एंटी स्नैक वेनम जिला अस्पताल में समाप्त हो गया है। इसके लिए शासन को पत्र भेजा गया है। उम्मीद है कि सोमवार तक जिला अस्पताल को एंटी स्नैक वेनम प्राप्त हो जाएगा।
-डॉ. ओमप्रकाश, सीएमएस