मालूम हो कि बीते दिनों बेवाना के एक विवाद को लेकर दो पक्ष अकबरपुर तहसील में भिड़ गए थे। इसमें अकबरपुर पुलिस ने बेवाना के ग्राम प्रधान सियाराम पर मामले को उकसाने के आरोप में पूछताछ के लिए रोक लिया था।
प्रधान का आरोप है कि बाद में अकबरपुर थाने के दरोगा एसके विसेन ने उनसे पंद्रह हजार रुपये की वसूली कर ली थी। इसकी शिकायत ग्राम प्रधान ने पुलिस महानिदेशक से की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक ने मामले की जांच एंटी करेप्शन टीम को सौंप दी थी।
गुरुवार को एक डिप्टी एसपी के नेतृत्व में दो इंस्पेक्टर व दो कांस्टेबल की टीम लखनऊ से जिला मुख्यालय पहुंची। टीम ने दरोगा पर लगे आरोपों की जांच शुरू कर दी है। उधर दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद हिंदू युवा वाहिनी के पूर्व जिलाध्यक्ष सूर्यमणि यादव के प्रार्थनापत्र पर भी उनसे जुड़े मामलों की जांच एंटी करेप्शन की यही टीम करेगी। एसपी पंकज ने दोनों मामलों के लिए जिले में टीम आने की पुष्टि की है।