अंबेडकरनगर। जैतपुर थाना क्षेत्र के पशु आश्रय स्थल रत्ना की खाईं फांदकर शनिवार रात दो दर्जन पशु भाग निकले। उन्होंने खेतों में नुकसान करना शुरू कर दिया। इसी बीच पशु आश्रय केंद्र में चार पशुओं के मौत की भी खबर ग्रामीणों को मिली। इसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने रविवार दिन में पशुशाला के समक्ष प्रदर्शन शुरू करने के साथ ही वहां तैनात कर्मचारियों को भगा दिया। कुछ देर में ही एसडीएम जलालपुर मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को समझाया बुझाया और सभी पशुओं को फिर से पकड़वा लेने का भरोसा देकर माहौल शांत कराया।
पशु आश्रय स्थल रत्ना से शनिवार रात लगभग दो दर्जन जानवर अचानक से निकल गए। रात में ही उन्होंने रत्ना निवासी दिलीप, रमाकांत, विद्या, लक्ष्मण व दलसिंगार आदि किसानों के खेतों में नुकसान कर दिया। सुबह जब ग्रामीणों ने छुट्टा पशुओं का झुंड अचानक गांव में देखा तो वे समझ गए कि पशु आश्रय स्थल से ही यह सब निकले हैं। ग्रामीणों को इसी बीच जानकारी हुई कि वहां चार पशुओं की मौत हो गई है। कुछ ग्रामीणों ने आशंका जताई कि पशुओं के निकल भागने की कोशिश में ही इन पशुओं की मौत हुई है। इन सबको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। बड़ी तादाद में ग्रामीण पशुशाला पहुंचे और वहां तैनात सफाई कर्मियों और मजदूरों को भगा दिया। इसके बाद पशु आश्रय स्थल के समक्ष ही प्रदर्शन शुरू कर दिया।
इस बीच हंगामे की खबर मिलते ही एसडीएम जलालपुर धीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों को समझा बुझाया और भरोसा दिलाया कि सभी पशुओं को पकड़वा लिया जाएगा। एसडीएम ने ग्रामीणों से कहा कि पशुओं को रोकने के लिए पशु आश्रय स्थल के चारों तरफ गड्डानुमा जो खाईं बनाई गई थी। उसी के सहारे पशु भाग निकले। एसडीएम के पहुंचने के बाद आश्रय स्थल पर तैनात सभी कर्मचारी व मजूदर फिर से वापस लौटे। देर शाम एसडीएम ने बताया कि सभी पशुओं को पकड़वाकर आश्रय स्थल भिजवा दिया गया है। जिन चार पशुओं की मौत हुई है। वे बीमार थे। उनका इलाज चल रहा था। पोस्टमार्टम कराया गया है।