अंबेडकरनगर। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भर्ती में फर्जी तरीके से आय प्रमाणपत्र बनवाकर नौकरी हासिल करने वाली तीन महिलाओं पर सेवा समाप्ति की तलवार लटक गई है। तहसील प्रशासन की जांच में आय प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए, जिन्हें निरस्त कर दिया गया है।
जलालपुर तहसीलदार की ओर से कराई गई जांच में पाया गया कि अनीशा देवी पत्नी विकास (निवासी जैतपुर) के नाम दो अलग-अलग तारीखों 3 जनवरी व 8 जनवरी 2025 को दो अलग-अलग आय प्रमाणपत्र जारी हुए थे। इनमें एक 46000 तो दूसरा दूसरा 42,000 रुपये वार्षिक आय का था। शालिनी जायसवाल पत्नी अभिषेक निवासी साहबतारा जलालपुर को 1 जनवरी 2025 को 42,000 रुपये आय का प्रमाणपत्र मिला, जबकि उनका परिवार व्यवसायी है और वास्तविक आय काफी अधिक है। रंजना यादव पत्नी उमेश यादव निवासी जलालपुर देहात को 28 अक्तूबर 2024 को 42,000 का आय प्रमाण पत्र दिया गया जबकि जांच में आय बहुत अधिक पाई गई। तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव ने बताया कि इन तीनों मामलों में आय प्रमाणपत्रों को फर्जी घोषित करते हुए तहसील प्रशासन ने उन्हें निरस्त कर दिया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी एसके सिंह ने बताया कि फर्जी आय प्रमाण पत्र के आधार पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बनीं महिलाओं की सेवा समाप्त जल्द की जाएगी।