फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

12 हजार छात्र-छात्राओं के खाते में नहीं पहुंची राशि

विज्ञापन
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। शिक्षा सत्र समाप्त होने के करीब है, लेकिन परिषदीय विद्यालयों के 12 हजार छात्र-छात्राओं को अब तक ड्रेस, स्वेटर, जूता-मोजा व स्कूली बैग नहीं मिल सका है। विभाग के अनुसार अभिभावकों के खाते में तकनीकी गड़बड़ी के चलते राशि नहीं भेजी जा सकी है। इसे दुरुस्त कराया जा रहा है।
विज्ञापन

परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को समय रहते ड्रेस, स्वेटर, जूता-मोजा व स्कूली बैग मिल सके, इसके लिए पहली बार शासन ने छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में राशि भेजने की घोषणा की थी। योजना के अनुसार प्रत्येक अभिभावक के खाते में 1100 रुपये भेजने का प्राविधान रखा गया। इसमें 300 रुपये में दो सेट ड्रेस, 200 रुपये मेें स्वेटर, 125 रुपये में जूता-मोजा व 175 रुपये में स्कूली बैग की खरीदारी करनी थी।
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 1852 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इसमें पंजीकृत एक लाख 88 हजार छात्र-छात्राओं के अभिभावक के खाते में राशि भेजी जानी है। बीएसए कार्यालय के लिपिक सुरेश कुमार तिवारी ने बताया कि एक लाख 76 हजार छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में प्रति अभिभावक के खाते मेें 1100 रुपये की राशि भेजी जा चुकी है। 12 हजार छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में अब तक राशि नहीं भेजी जा सकी है। बीएसए कार्यालय के अनुसार जिन छात्र-छात्राओं के खाते में राशि नहीं भेजी जा सकी है, उनके खाते में विभिन्न प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी है। खाते में तकनीकी गड़बड़ियों को दूर कराया जा रहा है।
विज्ञापन

उधर, सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रमाकांत मिश्र ने कहा कि शासन के तमाम दिशा-निर्देश के बाद भी परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को समय रहते स्वेटर, ड्रेस, स्कूली बैग व जूता-मोजा नहीं उपलब्ध हो पा रहे हैं। अब जबकि शिक्षा सत्र लगभग समाप्त होने के करीब है, ऐसे में 12 हजार छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में राशि का न पहुंचना अत्यंत चिंताजनक है। इसके लिए जो भी जिम्मेदार हों, उनसे स्पष्टीकरण तलब करते हुए कार्रवाई किए जाने की जरूरत है।
शीघ्र भेजी जाएगी राशि
12 हजार छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के अभिभावकों के खाते में 1100 रुपये नहीं भेजे गए हैं। इसका मुख्य कारण अभिभावक के खाते में तकनीकी गड़बड़ी का होना है। गड़बड़ी को दूर कराया जा रहा है। शीघ्र ही संबंधित अभिभावक के खाते में राशि भेज दी जाएगी।
विज्ञापन

-भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें