मलबे में बदले गए दुकान और मकान।
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अकबरपुर क्षेत्र के बरियावन गांव में रविवार देर रात हंसराज बालिका इंटर कॉलेज के पास तीन बुलडोजर लेकर पहुंचे लोगों ने सड़क किनारे बने 11 मकान और दुकानों को ध्वस्त कर दिया। पीड़ितों का आरोप है कि हथियारों के बल पर लोगों को धमकाकर शांत करा दिया गया। विरोध करने वाली महिला सविता देवी को बंधक बना लिया। करीब एक घंटे तक ध्वस्तीकरण चलता रहा। पीड़ितों ने सोमवार सुबह पुलिस को सूचना दी। बताया गया कि 16 बिस्वा जमीन के सामने का हिस्सा खाली कराने के लिए ध्वस्तीकरण कराया गया। इसके बाद 50 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पीड़ित रामकीरत के अनुसार, बरियावन-किछौछा मार्ग पर रामनाथ उर्फ संगम के नाम खतौनी की जमीन है। करीब तीन दशक पहले रामनाथ की मां भक्तिन और अन्य लोगों ने रुपये लेकर जमीन कई लोगों को दे दी थी। खरीदारों ने वहां मकान और दुकानें बना लीं। बाद में रामनाथ ने जमीन अयोध्या के सदर तहसील क्षेत्र के रेवरी शाहपुर निवासी इंद्रजीत को बेच दी। इंद्रजीत ने भी जमीन का बैनामा कई लोगों के नाम कर दिया। आरोप है कि इसके बाद कुछ लोगों ने जमीन का एग्रीमेंट कराकर रविवार रात मकान-दुकान हटवा दिए।
सोमवार सुबह करीब सात बजे पीड़ितों ने पुलिस को सूचना दी। आठ बजे डायल 112 की टीम पहुंची। इसके दो घंटे बाद एसडीएम प्रतीक्षा सिंह, तहसीलदार दिव्या भारती वर्मा, सीओ सिटी नितीश कुमार तिवारी और कोतवाल संतोष कुमार सिंह पुलिस बल और राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पीड़ितों के बयान दर्ज किए।
पुलिस बोली-सार्वजनिक रास्ते पर बने हैं मकान व दुकान : सीओ सिटी
सीओ सिटी नितीश तिवारी ने बताया कि 50 लोगों के खिलाफ बलवा, गालीगलौज, जान से मारने की धमकी और मकान क्षतिग्रस्त करने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्रारंभिक जांच में दुकानें और मकान सार्वजनिक रास्ते की भूमि पर बनी होने की बात सामने आई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है।