जहांरगीरगंज क्षेत्र के रोशनपुर गांव में सीआरपीएफ जवान जवाहिर यादव (42) की शनिवार को करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जम्मू-कश्मीर बॉर्डर पर उनकी तैनाती थी, बीते दिनों ही वह अवकाश पर घर आए थे।
रोशनपुर गांव निवासी जवाहिर ने वर्ष 2004 में सीआरपीएफ में नियुक्ति पाई थी। उन्होंने करीब दो दशक से अधिक समय तक देश सेवा की। वर्तमान में वे जम्मू-कश्मीर में तैनात थे और कुछ दिन पहले ही अवकाश लेकर अपने घर आए थे। शनिवार शाम को जवाहिर खेत से जानवरों के लिए हरा चारा काटकर घर लौटे थे। इसके बाद वे चारा काटने वालेा मोटर को चालू करने के लिए बिजली का तार जोड़ रहे थे। इसी बीच कटे बिजली के तार की चपेट में आ गए।
परिजन तत्काल उन्हें सीएचसी रामनगर ले गए, वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जवाहिर अपने पीछे मां कलावती, भाई रामउजागिर यादव और तीन बच्चों को छोड़ गए हैं। उनकी बड़ी बेटी सृष्टि करीब 18 वर्ष की, दूसरी बेटी श्रुति 15 वर्ष की और 10 वर्षीय बेटा मयंक है। पति की मौत के बाद पत्नी रीना और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां कलावती भी बेटे की मौत से गहरे सदमे में हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि जवाहिर मिलनसार स्वभाव के थे और छुट्टी पर घर आने के दौरान वे गांव के लोगों से मिलते-जुलते थे। जवान की मौत की खबर मिलते ही ग्राम प्रधान संघ के अध्यक्ष राजबहादुर यादव, दुर्गेश यादव और पूर्व प्रधान जयराम यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पहुंचे और परिजनों को ढाढ़स बंधाया। भाजपा नेता सुरेश कनौजिया, सपा नेता प्रद्युम्न यादव बबलू व राजबहादुर यादव आदि ने शोक संवेदना व्यक्त की। थानाध्यक्ष रितेष पांडेय ने बताया कि विद्युत आघात से मौत हुई है।