टांडा। विकास खंड टांडा के एक ग्राम पंचायत में तैनात सफाईकर्मी की पत्नी द्धारा तथ्यों को छुपाकर प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना का लाभ लेने का मामला सामने आया है। डूडा विभाग के कर्मियों द्वारा जांच में घोर लापरवाही बरतने का भी आरोप है।
टांडा नगर पालिका परिषद क्षेत्र अंतर्गत वार्ड नंबर एक नेहरूनगर के मेहनियां मुहल्ले का रहने वाला एक व्यक्ति टांडा विकास खंड की एक ग्राम पंचायत में बतौर सफाईकर्मी तैनात है। सरकारी सेवा में होने के बावजूद उसकी पत्नी ने आधारकार्ड में फेरबदल कर प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना का लाभ हासिल करने के लिए आवेदन किया।
स्थानीय लेखपाल व डूडा विभाग के कर्मियों के स्थलीय सत्यापन के दौरान भी तथ्यों को छुपाए रखा गया। इसके बाद उसने बीते सत्र में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत आवास निर्माण के लिए अलग-अलग तीन किस्तों में ढाई लाख रुपये प्राप्त कर लिए।
सरकारी सेवा में कार्यरत किसी भी व्यक्ति का परिवार प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के पात्रता सूची में नहीं आता। योजना के तहत दी जाने वाली धनराशि की पहली किस्त लाभार्थी के बैंक खाते में भेजने के उपरांत आवास निर्माण कराने के लिए नीव तैयार किए जाने के बाद उसकी फोटो संबंधित साइट पर अपलोड करने के लिए डूडा के कर्मी मौके पर स्थलीय निरीक्षण कर उसकी फोटो खींचने जाते हैं।
आरोप है कि इस मामले में सत्यता जानने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। इसके चलते सफाई कर्मी की पत्नी ने योजना के तहत दी जाने वाली संपूर्ण धनराशि प्राप्त कर योजना का लाभ हासिल कर लिया।
टांडा नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी इस मामले से साफ तौर पर पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह डूडा विभाग का मामला है। उन्हें इस बाबत जानकारी नहीं है।
डूडा विभाग के परियोजना निदेशक आदित्य कुमार ने कहा कि जल्द ही मामले की जांच करायी जाएगी। यदि किसी अपात्र ने योजना का लाभ लिया होगा तो उसके विरुद्घ कार्रवाई भी होगी।