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30 हजार आबादी के उपभोक्ता अघोषित विद्युत कटौती से परेशान

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अंबेडकरनगर। अकबरपुर उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ता बदहाल विद्युत आपूर्ति व्यवस्था से त्रस्त हो चुके हैं। आपूर्ति कब बहाल होगी, और कब जाएगी इसका कोई शेड्यूल नही है। इससे उपभोक्ताओं को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच बदहाल विद्युत आपूर्ति व्यवस्था उपभोक्ताओं को अखर रही है। अकबरपुर उपकेंद्र के साउथ वेस्ट फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं को पिछले करीब एक पखवारे से इस तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार की रात उपभोक्ताओं को बिजली के इंतजार में करवट बदलकर रात गुजारना पड़ा। रात में कई बार की अघोषित कटौती से काफी मुश्किल हुई।
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अकबरपुर उपकेंद्र के साउथ वेस्ट फीडर से जुड़ी करीब 30 हजार की आबादी इन दिनों बदहाल विद्युत आपूर्ति व्यवस्था से जूझ रही है। कहने के लिए 18 घंटे विद्युत आपूर्ति का रोस्टर है। परन्तु उपभोक्ताओं को 10 से 12 घंटे की सुचार आपूर्ति मिल पाना मुहाल हो गया है। दिन में तो किसी तरह चल जाता है, लेकिन भीषण गर्मी के बीच आपूर्ति बाधित होने से रात गुजारना नागरिकों के लिए काफी मुश्किल हो जाता है। परंतु विद्युत विभाग उपभोक्ताओं की इस समस्या से पूरी तरह अंजान बना हुआ है। पिछले करीब एक पखवारे से रात में अघोषित कटौती का दौर जा रही है।
शाम होने के साथ ही कटौती का दौर जारी हो जाता है। रात 11 बजे तक करीब आधा दर्जन बार 10 से 20 मिनट की अघोषित कटौती होती है। कुछ ऐसा ही सिलसिला रातभर चलता रहता है। कई दिन तो उपभोक्ता आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद में गर्मी व मच्छरों के बीच रातभर करवट ही बदलते रह जाते हैं। मंगलवार रात भी कुछ ऐसा ही हुआ। भीषण गर्मी के बीच आपूर्ति की अघोषित कटौती जारी रही। इससे उपभोक्ताओं को काफी मुश्किल हुई।
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बताते चलें कि साउथ वेस्ट फीडर काफी लंबी दूरी तक आपूर्ति करता है। इस फीडर से करीब 40 गांवों की 30 हजार आबादी जुड़ी है। उपभोक्ता नरेंद्र सिंह, ओमप्रकाश तिवारी व मोहम्मद आलम आदि का कहना है कि बदहाल विद्युत आपूर्ति व्यवस्था ने काफी मुश्किल बढ़ा दी है। उपभोक्ताओं का कहना है कि शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए।
रोस्टर के अनुरूप उपभोक्ताओं को 18 घंटे की आपूर्ति मुहैया कराने के लिए विभाग को ठोस प्रयास करना चाहिए। अधिशाषी अभियंता वीके पटेल का कहना है कि तकनीकी दिक्कत होने पर ही आपूर्ति बाधित होती है। उपभोक्ताओं को सुचारु विद्युत आपूर्ति का लाभ दिए जाने का पूरा प्रयास किया जाता है।
महरुआ उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ता भी बदहाल विद्युत आपूर्ति से खासे परेशान हो चुके हैं। उपभोक्ता मैनुद्दीन, अभिमन्यु सिंह वत्स, संजीव मिश्र, राजकुमार व प्रदीप कुमार आदि का कहना है कि रोस्टर के अनुरूप बिजली मिलना मुहाल हो गया है। घंटे भर भी सुचारु आपूर्ति नही होती है। बार बार की कटौती से उपभोक्ता परेशान हो चुके हैं। मनमानी का आलम यह कि आपूर्ति बाधित होने पर उपभोक्ता जब उपकेन्द्र के कर्मचारियों से संपर्क करने का प्रयास करते हैं तो किसी का फोन ही नहीं उठता। जेई का फोन तो अक्सर पहुंच के बाहर ही रहता है।
ऐसे में यदि कोई आपत स्थिति उत्पन्न हो जाए तो स्थिति और बिगड़ सकती है। उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। कहा कि बदहाल विद्युत आपूर्ति से उपभोक्ताओं का धैर्य जवाब दे रहा है। यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार न हुआ तो उपभोक्ताओं को सड़क पर उतरने के लिए विवश होना पड़ेगा।
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