अंबेडकरनगर। महरुआ के अतरौला के अजय कुमार पर 29 मार्च को बसपा सुप्रीमो मायावती पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप लगे थे। इस पूरे घटनाक्रम का ऑडियो वायरल हुआ था। इसके आधार पर ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर अजय का शांतिभंग में चालान किया था।
30 मार्च की रात मौत होने के बाद से ही परिजन इसे साजिशन हत्या करने की बात कह रहे थे।
दरअसल, अजय और उसके विपक्षी के बीच कहासुनी के बाद ही ऑडियो रिकॉर्ड किया गया था। मृतक की बहन आशा ने पुलिस, जेल कर्मियों व विपक्षी पर साजिशन हत्या के आरोप लगाए थे। परिजनों ने शव रखकर थाने का घेराव करने का प्रयास भी किया था। इस स्थिति से निपटने के लिए सीओ, एसडीएम के अलावा कई थानों की फोर्स भी लगाई गई थी। पुलिस ने समय रहते हालात पर नियंत्रण करते हुए परिजनों को समझा-बुझाकर अंतिम संस्कार करा दिया था।
इस बीच परिजनों को जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था लेकिन इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। इस पूरे प्रकरण में जिला प्रशासन की ओर से मजिस्ट्रेटी जांच भी कराई गई थी। कोर्ट का आदेश आने के बाद एक बार फिर यह पूरा घटनाक्रम चर्चा में है। आदेश प्राप्त होने के बाद पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई होती है।