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कृषि कानूनों को वापस लिया जाए

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अंबेडकरनगर कलेक्ट्रेट के निकट अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन देने जाते जनअधिकार पार्टी व अन्य संगठन - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था व कृषि कानून समेत विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को जन अधिकार पार्टी व अपना दल कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से कलेक्ट्रेट के पास धरना दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। दिनदहाड़े हत्या की जा रही है। इसके बावजूद इस पर अंकुश पाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। किसान परेशान हैं। कहा कि कृषि कानूनों को जल्द वापस लिया जाए। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं किया गया और कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया गया तो वे आंदोलन तेज करेंगे।
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धरने के दौरान जन अधिकार पार्टी के जिला सलाहकार हरिगोपाल मौर्य ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी हो गई है। कानून नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। दिनदहाड़े हत्या की जा रही है तो लूट व दुष्कर्म जैसी घटनाओं की बाढ़ सी आ गई है। इससे आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इसके बाद भी आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए को ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। थानों में पीड़ितों को न्याय नहीं मिल रहा तो पीड़ितों पर ही उल्टे कार्रवाई की जा रही है।
अपना दल के जिलाध्यक्ष जयप्रकाश ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार खुद को किसानों का हितैषी होने का बढ़-चढ़कर दावा करती है, लेकिन हकीकत यह है कि किसानों का सबसे अधिक नुकसान यही दोनों सरकारें कर रही हैं।
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कृषि कानून लाकर किसानों को बंधुआ मजदूर बनाने की कोशिश की जा रही है। इसके विरोध में आंदोलित किसानों पर सरकार विभिन्न प्रकार का आरोप लगाकर उनके आंदोलन को दबाना चाहती है। सरकार को कृषि कानून वापस लेने ही होंगे। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया गया और किसानों की समस्याओं को दूर नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस मौके पर सुधीर, अजीत, रवि, सद्दन हुसैन, गुलाम मोहम्मद, लालमन, संदीप आदि मौजूद रहे।
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