यूपीसीएस 2015 की परीक्षा में जिले के भीटी तहसील निवासी प्रशांत तिवारी ने तीसरे स्थान की महत्वपूूर्ण सफलता प्राप्त की है। उपजिलाधिकारी के रूप में उनका चयन हुआ है। इससे पहले वे भी वे एक बार यूपीपीसीएस तथा लोअर पीसीएस की परीक्षा में चयनित हो चुके हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवारीजनों व मित्रों को दिया है। युवाओं को दिए संदेश में उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम व ठोस इरादों के बल पर कोई भी सफलता हासिल की जा सकती है। जिले के दो और युवा संदीप तिवारी व सौम्यशील सिंह को भी यूपीसीएस की परीक्षा में शानदार सफलता मिली है।
सोमवार देर सायं जारी हुए यूपीपीसीएस 2015 के परिणाम में भीटी तहसील तहसील अन्तर्गत परवरभारी ग्राम पंचायत के महारानी का डीह गांव निवासी प्रशांत तिवारी ने इतिहास रच दिया। परीक्षा परिणाम में प्रशांत को प्रदेश में तीसरा स्थान मिला है। वे उपजिलाधिकारी के पद पर चुने गए हैं। इससे पहले वे वर्ष 2013 की लोअर पीसीएस परीक्षा में भी चयनित होकर सहायक विकास अधिकारी कोआपरेटिव चुने गए थे।
वर्ष 2014 की यूपीसीएस परीक्षा में उन्हें जिला विकलांग कल्याण अधिकारी के तौर पर चयनित होने की सफलता मिली थी। दोनों में से किसी पद पर उन्होंने अभी तैनाती नहीं प्राप्त की थी। वे नई दिल्ली में रहकर आगे की परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। इस बीच निकले परीक्षा परिणाम में उन्हें बड़ी सफलता मिल गई। प्रशांत के पिता अवधेश तिवारी फैजाबाद जनपद के श्री भरत इंटर कॉलेज नंदी ग्राम भरतपुर में अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं, जबकि मां सुभावती गृहणी हैं। एक मात्र बहन प्रतिभा ने बीएससी व बीटीसी की डिग्री हासिल कर रखी है।
इकलौते पुत्र की सफलता पर मंगलवार को प्रशांत के घर खुशी का माहौल दिखा। पिता अवधेश ने कहा कि उन्हें अपने पुत्र पर नाज है। वह शुरू से ही मेधावी रहा है। उसकी सफलता से उन सभी को बेहद खुशी है। बहन प्रतिभा ने भाई की सफलता को यादगार बताते हुए कहा कि प्रशांत को पढ़ाई की धुन शुरु से ही है। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट व स्नातक समेत परास्नातक प्रशांत ने प्रथम श्रेणी में ही उत्तीर्ण किया है। परास्नातक में वे गोल्ड मेडलिस्ट भी रहे हैं। प्रशांत ने अपनी सफलता का श्रेय परिवारीजनों के अलावा शुभचिंतकों को दिया है।
उधर अकबरपुर तहसील क्षेत्र के तिवारीपुर निवासी संदीप तिवारी ने भी यह परीक्षा उत्तीर्ण कर असिस्टेंट कमीश्नर सेल्सटैक्स बनने की सफलता पायी है। उनके पिता चन्द्रभान यूनियन बैंक अकबरपुर में अधिकारी के तौर पर कार्यरत हैं जबकि बाबा राजकरन तिवारी लगभग 4 दशक तक तिवारीपुर ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान रहे हैं। संदीप का एक छोटा भाई इंजीनियरिंग कर निजी कंपनी में नौकरी कर रहा है। संदीप को यह तीसरे प्रयास में सफलता मिली है। इस बीच प्रशांत व संदीप की सफलता पर परिजनों व निकटस्थ लोगों ने खुशी का इजहार किया है। आलापुर तहसील क्षेत्र अन्तर्गत गोवर्धनपुर गांव निवासी उच्च न्यायालय में कार्यरत अधिवक्ता जगदंबा प्रसाद सिंह के पुत्र सौम्यशील सिंह को भी परीक्षा में चयनित होने की सफलता मिली है। उनका चयन सहायक व्यापार आयुक्त के पद पर हुआ है। वे इससे पहले वर्ष 2014 में निकले परीक्षा परिणाम में सहायक चीनी आयुक्त के पद पर आयुक्त हो चुके हैं।