अंबेडकरनगर। जिले में शनिवार रात को आंधी-बारिश के बाद बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी हो गई। कई स्थानों पर बिजली की लाइनों पर पेड़ गिरने और इंसुलेटर खराब होने से 100 से अधिक गांवों में पूरी रात बिजली गुल रही।
कोटवा महमदपुर से महरूआ बिजली घर को बिजली आपूर्ति प्रदान की जाती है। इस बिजली घर से नसीरपुर पतौना और महरुआ के अंतर्गत आने वाले लगभग 50 गांवों को बिजली दी जाती है। रात में आई तेज आंधी के कारण पतौना फीडर के खजूरडीह में यूकेलिप्टिस और डीह पकड़िया में चिलबिल के पेड़ बिजली की मुख्य लाइन पर गिर गए, जिससे तार टूट गए। इस घटना के कारण सरगपुर, हुसैनपुर हीड,आनंद नगर, बरामदपुर जरिया, किशनीपुर, सारखने, आदमपुर, जमालपुर, खजूरी, बरामदपुर लोहारा, नेनुआ, रामचौरी,दादूपुर, जयसिंहपुर, दुर्गापुर सहित 50 से अधिक गांव की करीब एक लाख आबादी की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। शनिवार को फाॅल्ट को ठीक करने के बाद दोपहर लगभग दो बजे के करीब आपूर्ति शुरू हो सकी।
वहीं, मरैला उपकेंद्र भी रात में अचानक शटडाउन होकर बंद हो गया। इसके चलते शहजादपुर, दोस्तपुर, पहितीपुर मार्ग और ग्रामीण क्षेत्रों जैसे नवगवां, इटरौरा, बेवाना, कलुआकौरा, मुसईपुर, जगदीशपुर, कूढामोहमदगढ़, सस्पना, अटंगी, मुबारकपुर, मुखियहवां, इब्राहिमपुर, धौरहरा, सिसवा, टिकरिया, रामपुर सकरवारी, हसनपुर, शिवराजपुर, अहलादे, शिवरानाली, कुर्चा, गौहन्ना आदि गांवों की बिजली गुल हो गई। रात 11 बजे विभाग के अधिकारी भी बिजली घर पर पहुंचे और फॉल्ट की तलाश में निकल पड़े। इस दौरान लोरपुर के निकट तक्षशिला स्कूल के पास एक बिजली के खंभे का इंसुलेटर खराब मिला। इसे ठीक करने के बाद रात तीन बजे आपूर्ति बहाल हो सकी।
टांडा के धौरहरा फीडर के अंतर्गत आने वाले गौरागुजर, इब्राहिमपुर कुसमा, इब्राहिमपुर चुरावन, बेलहरी, किशुनपुर, नरायणपुर आदि गांवों की बिजली भी रात भर गुल रही। अधीक्षण अभिंयता रजनीश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कुछ स्थानों पर बिजली के तार पर पेड़ गिरने से आपूर्ति बाधित हुई थी, जिसे ठीक कराकर आपूर्ति बहाल कर दी गई।
16 घंटे बाद बहाल हुई बिजली आपूर्ति
जलालपुर। शुक्रवार रात करीब नौ बजेआंधी और बारिश के कारण कई विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हो गए। इससे पिंडोरिया, पाभीपुर, करीमनगर, हाफिजपुर, कोरझा, दुल्हूपुर बाजार, बिलारी, निमटिनी, चितई पट्टी, मसौड़ा, पर्वतपुर, नूरपुर कला, दिनकरपुर, सेमरा, मंजीरा और रफीगंज खास समेत कई गांवों के करीब 20 हजार उपभोक्ता पूरी रात अंधेरे में रहे। करीब 16 घंटे बाद मरम्मत के बाद शनिवार दोपहर आपूर्ति बहाल की जा सकी।