एक मरीज से हड्डी के ऑपरेशन के नाम पर 10 हजार रुपये तो एक अन्य से प्रसव के नाम पर 500 रुपये की वसूली की बात सामने आते ही उनके तेवर कड़े हो गए। नाराजगी जताते हुए उन्होंने सीएमएस से मामले की जांच कराने एवं मामला सही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
अस्पताल परिसर व वार्डों में चारों तरफ फैली गंदगी एवं स्टोर में दवाओं के सही तरीके से रख रखाव होने पर भी नाराजगी जताई। कहा कि यदि किसी प्रकार की शिकायत मिलती है, तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में अफरातफरी का माहौल रहा।
महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ. एमआर मलिक शनिवार सुबह जिला अस्पताल में मरीजों व उनके तीमारदारों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लेने के लिए अचानक जिला अस्पताल पहुंच गए। श्री मलिक के पहुंचने पर अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
महानिदेशक परिवार कल्याण श्री मलिक ने सबसे पहले लेबर रूम का निरीक्षण किया। इसके बाद हड्डी व सर्जरी कक्ष की गंभीरता से जांच की।
निरीक्षण में जब डॉ. मलिक वार्ड नंबर एक में पहुंचे, तो वहां भर्ती गौहन्ना निवासिनी इसलावती ने बताया कि प्रसव के लिए उससे 500 रुपये लिए गए, जबकि वार्ड नंबर दो में भर्ती सुल्तानपुर जनपद के दोस्तपुर थाना अन्तर्गत कौशलपुर गांव निवासिनी सुरसती ने हड्डी के आपरेशन के नाम पर 10 हजार रुपये लिए जाने का आरोप लगाया।
सुरसती का कहना था कि उनसे अस्पताल में मौजूद एक कर्मचारी ने 10 हजार रुपए मांगने पर अस्पताल में ही आपरेेेशन हो जाने का भरोसा दिलाया। कहा कि रकम न देने पर बाहर आपरेशन कराना होगा, जो काफी महंगा पड़ेगा। इस पर उसने संबंधित कर्मचारी को पैसा दे दिया।
इसके बाद उसका आपरेशन हुआ। नाम पूछने पर महिला ने बताया कि नाम तो नहीं पता लेकिन मोबाइल नंबर मौजूद है। उस नंबर पर कॉल की गई तो वह बंद मिला। डॉ. मलिक ने सीएमएस डॉ. केएस पांडेय को पूरे मामले की जांच कराए जाने एवं मामला सही पाए जाने पर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई किए जाने का निर्देश दिया।
डॉ. मलिक ने इसके बाद स्टोर कक्ष का निरीक्षण किया, तो दवाओं का रखरखाव सही नहीं पाया गया। साथ ही परिसर सहित विभिन्न वार्डों में साफ सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह बेपटरी पाई। इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए साफ सफाई व्यवस्था समुचित किए जाने एवं दवाओं का रखरखाव चुस्त दुरुस्त किए जाने का निर्देश दिया।