अंबेडकरनगर। पंचायत चुनाव का बिगुल बज चुका है। ग्राम पंचायतों का ब्योरा जुटाया जाने लगा है। बावजूद इसके पूर्व में हुए ऑडिट के दौरान वित्तीय अनियमितताओं पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अलग-अलग विकास खंडों में तत्कालीन प्रधानों और सचिवों ने आय-व्यय का ब्योरा नहीं दिया है। 24 तत्कालीन प्रधानों और सचिवों को आरसी जारी होने के करीब छह माह बीतने के बाद भी आज तक न तो उनका जवाब आया है और न ही रिकवरी हो पाई है।
बता दें कि शासन के निर्देश पर वर्ष 2011-12 से लेकर 2016-17 का ऑडिट कराया गया था। इस दौरान करीब 1.29 करोड़ रुपये का हिसाब-किताब नहीं मिल पाया था।
विकासखंड टांडा के शेखपुर आलमपुर गांव में 7.26 लाख, बदरुद्दीनपुर में 2.34 लाख, बसंतपुर में 4.52 लाख, गुवांव में 8.05 लाख, जनार्दनपुर में 34,203 रुपये, खान शाहपुर में 5,91,776 रुपये, भुवालपुर में 4.08 लाख, बेलहरी में 7.26 लाख की वित्तीय अनियमितता सामने आई थी।
वहीं, चिंतौरा में 30,16,894 रुपये, दौलतपुर एकसारा में 7,77,855 रुपये, खैरपुर में 10,96,540 रुपये, चितवाई गांव में 11,66,015 रुपये, आसोपुर में 1,35,294 रुपये, पिपरीमोहम्मदी में 33,578 रुपये, सलारपुर में 6,85378 रुपये, जगन्नाथपुर गांव में 86,950 व पिपरी सैदपुर में 26,333 रुपये की वित्तीय अनियमितता पकड़ी गई थी।
अकबरपुर के बराैरा व माउख में करीब 1.14 लाख भीटी के वासूपुर बनियानी, काही में करीब 17.50 लाख, कटेहरी के अंगवल व नरसिंहदासपुर में 86 हजार रुपये की वित्तीय अनियमितता मिली थी। कुल 1.29 करोड़ रुपये का हिसाब नहीं मिल पाया था। ऑडिट के दौरान संबंधित ग्राम पंचायतों के तत्कालीन प्रधान व सचिवों से कई बार दस्तावेज मांगे गए, लेकिन यह लोग टस से मस नहीं हुए थे। जनवरी माह में इन सभी को रिकवरी के नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन आज तक न तो वसूली हो पाई है और न ही किसी पर कोई कार्रवाई हुई है। पूरा प्रकरण सरकारी फाइलों में कैद होकर रह गया है।
ऑडिट आपत्ति पर पूर्व में नोटिस जारी हुए थे। इसके बारे में जानकारी कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- अनिल कुमार सिंह, प्रभारी डीपीआरओ/ पीडी डीआरडीए