बिजली विभाग में बिल की वसूली के नाम पर लगाई गए निजी आरएन कंपनी की मनमानी का शिकार हुए अकबरपुर मीरानपुर मोहल्ले के ज्ञानप्रकाश ने बताया कि गत दिनों उनके घर बिजली विभाग के दो कर्मचारी बिल रीडिंग के लिए पहुंचे। मशीन से मीटर चेक किया, और बताया कि उनका एक माह का बिल 1658 रुपए 58 पैसे आया है।
यूनिट पूछे जाने पर बताया कि 43 यूनिट बिजली खर्च की गई है। ऐसे में जब उसने इतने कम यूनिट पर इतना अधिक बिल आने का प्रश्न किया तो बताया गया कि इसके लिए अब कार्यालय संपर्क करना पड़ेगा, वहां से ही बिल में आयी गड़बड़ी को देखकर दूर किया जा सकेगा।
यह भी बताया गया कि यदि वे आज ही इसे दुरुस्त नहीं कराते हैं, तो उन्हें पूरे बिल का भुगतान करना पड़ेगा। कर्मचारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार वह कार्यालय पहुंचे। यहां मौजूद कर्मचारियों ने कुछ कागजात इधर उधर किए और बताया कि उनका वास्तविक बिल 570 रुपए है।
किसी त्रुटिवश यह गड़बड़ी बिल में आयी है। इसके अलावा अकबरपुर नगर के ही बृजेश कुमार, दोस्तपुर रोड निवासिनी वंदना चतुर्वेदी व शहजादपुर के राजकुमार श्रीवास्तव भी कर्मचारियों की इस मनमानी का शिकार हो चुके हैं।
बताते है कि कर्मचारी घर पहुंचकर उपभोक्ताओं के मीटर की रीडिंग चेक करते हैं और फौरन बिल की रकम बता देते हैं। कई उपभोक्ताओं की माने तो यह कर्मचारी उपभोक्ता द्वारा खर्च की गई बिजली के सापेक्ष 500 से एक हजार रुपए तक अधिक का बिल होना बताते हैं, और इसकी रसीद भी काटकर थमा देते हैं।
उपभोक्ताओं द्वारा यदि आपत्ति दर्ज कराई गई तो इसे दुरुस्त कराने के लिए कार्यालय बुुलाया जाता है। यह भी बताया जाता है कि यदि बिल कटने के ही दिन यदि इसे दुरुस्त न कराया गया तो ऑनलाइन फीडिंग होने के बाद कोई सुधार नहीं हो सकेगा, और जो उपभोक्ता आपत्ति नहीं जाहिर करते उन्हें मनमाने ढंग से काटी गई रसीद के अनुसार ही बिल का भुगतान करना पड़ रहा है।