संवाद न्यूज एजेंसी बसखारी (अंबेडकरनगर)। हंसवर थाना क्षेत्र के सोनहन गांव में एक दिव्यांग का अपहरण कर लाखों रुपये कीमत की भूमि का औने-पौने दाम में रजिस्ट्री करा लेने का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि रजिस्ट्री के बाद आरोपियों ने दिव्यांग को एक मंदिर में रोके रखा। उसकी पत्नी द्वारा गुमशुदगी दर्ज कराए जाने की जानकारी पर आरोपी दिव्यांग को एक रिक्शा पर बैठाकर फरार हो गए।
गांव के श्रीप्रकाश मिश्र लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व छत से गिर जाने के चलते दोनों पैर से दिव्यांग हो गए। आरोप है कि बीती 13 सितंबर को श्रीप्रकाश अपने घर से हीरापुर बाजार में सैलून के लिए निकले। देर शाम तक वह घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। उनका कोई सुराग न लगने पर अगले दिन उनकी पत्नी ने गुमशुदगी दर्ज कराई। 15 सितंबर को पुलिस ने श्रीप्रकाश को बरामद कर परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
घर पहुंचकर श्रीप्रकाश ने जो बताया वह चौंकाने वाला था। उनके मुताबिक वह गुमशुदा नहीं हुए थे बल्कि हीरापुर से पांच लोगों ने मिलकर उनका अपहरण कर लिया था। डरा धमकाकर एक बीघा जमीन एक शिक्षिका के नाम रजिस्ट्री करवा ली। इसके बाद उन्हें कलवारी बस्ती के पास मांझा स्थित एक मंदिर में रोक दिया। जब गुमशुदगी पंजीकृत होने की जानकारी आरोपियों को हुई तो वह उन्हें हीरापुर में ई रिक्शा पर बैठाकर फरार हो गए। आरोपियों ने लाखों की जमीन के एवज में महज एक लाख रुपये विक्रेता के खाते में भेजा। जबकि 15 लाख रुपये का चेक दिखाकर अपने पास रख लिया।
इस बीच मामले की जानकारी होने पर सवर्ण आर्मी जिलाध्यक्ष राहुल उपाध्याय ने हंसवर प्रभारी निरीक्षक संजय पांडेय को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मामले में तहरीर मिली है। जांच पड़ताल की जा रही है।