अंबेडकरनगर। करीब 12 वर्ष पूर्व हुई साकिब की हत्या के दो आरोपियों को अपर जनपद न्यायाधीश प्रथम रत्नेशमणि त्रिपाठी ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
यह घटना बेवाना क्षेत्र के रसूलपुर दियरा में हुई थी। गांव के अबूजर की ओर से दर्ज कराए केस में कहा था कि पांच नवंबर वर्ष 2010 की शाम एक फोन कॉल आने पर उसका छोटा भाई साकिब घर से निकला। उसके बाद साकिब का मोबाइल फोन बंद हो गया। अगले दिन उसका शव गांव के बाहर मिला।गला रेतकर साकिब की हत्या की गई थी। अज्ञात के खिलाफ दर्ज केस की विवेचान में पुलिस ने प्रतापपुर चमुर्खा निवासी सोनू उर्फ आजाद अहमद तथा रसूलपुर दियरा की सलमा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। कुछ दिन बाद दोनों आरोपी पर जमानत पर छूट गए। दोनों आरोपियों की तरफ से अधिवक्ता श्रीप्रकाश सिंह ने कोर्ट के समक्ष तर्क रखे। कहा कि अभियोजन पक्ष कोई मजबूत साक्ष्य नहीं दे पाया है। इसके बाद एडीजे प्रथम ने दोनों आरोपियों को हत्या व अन्य आरोपों से बरी कर दिया। संवाद