अंबेडकरनगर। जिले में आधार कार्ड बनवाना किसी बड़ी चुनौती से कम नही है। शासन ने जिन बैंक शाखाओं व डाकघर को आधार कार्ड बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है वहां खूब मनमानी हो रही है। इसके चलते ही आधारकार्ड बनवाने वालों को सुबह पांच बजे से ही लाइन लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है। मनमानी की हद यह कि 100 से 150 लोगों की लाइन लगती है, लेकिन आधार कार्ड बनवाने का मौका 20 से 25 लोगों को ही मिल पाता है। लचर कार्यशैली के चलते हर दिन लोग परेशान हो रहे हैं
दरअसल, शासन ने आधारकार्ड बनाने का जिम्मा विभिन्न बैंक शाखाओं व डाकघर को सौंप दिया है। ऐसे में पहले से कर्मचारियों के संकट से जूझ रहे यह प्रतिष्ठान मनमानी कर रहे हैं। जिला मुख्यालय पर ही मुख्य डाकघर के अलावा बैंक ऑफ बड़ौदा मुख्य शाखा, सिंडीकेट बैंक व पंजाब नेशनल बैंक को आधारकार्ड बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यहां पर हर दिन सुबह पांच बजे से ही लाइन लगना शुरू हो जाती है। हर जगह 100 से 150 महिला-पुरुष लाइन में लगते हैं, लेकिन आधार कार्ड 20 से 25 लोगों का ही बन पाता है। बाकी लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ता है।
सोमवार को अमर उजाला टीम ने बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा का निरीक्षण किया, वहां नजारा हर किसी को परेशान कर देने वाला था। शाखा के बाहर 100 से अधिक महिला पुरुषों की लाइन लगी थी। कई लोग लाइन में खड़े होकर परेशान हो चुके थे, वह इधर उधर मायूस होकर बैठे दिखे। लाइन में खड़े विजयगांव निवासी राजितराम, केदारनगर निवासी भागीरथी, बरियावन की कंचन, शहजादपुर की विनीता व राजेपुर की बबिता का कहना था कि वह करीब दो घंटे से लाइन में खड़ी हैं। परन्तु नंबर ही नहीं आ रहा है।
कर्मचारी सिर्फ 10 से 20 लोगों को ही टोकन दे रहे हैं। वह लोग गत शुक्रवार को भी लाइन लगाए थे, लेकिन सफलता नहीं मिल पायी थी। आज भी कुछ स्थिति ऐसी ही प्रतीत हो रही है। बढ़ती संख्या के बावजूद बैंक प्रबंधन द्वारा काउंटर की संख्या नहीं बढ़ायी जा रही है। इसके चलते ही प्रतिदिन लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
आधारकार्ड बनवाने वालों की संख्या में बीते कुछ दिनों से काफी इजाफा हुआ है। इससे समस्या भी बढ़ी है। जल्द ही शाखा प्रबंधक को निर्देश देकर काउंटरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। उपभोक्ताओं के हितों का पूरा ख्याल रखा जाएगा। - आशीष सिंह, एलडीएम