भेड़िया की सूचना पर घटना स्थल पर पहुंचे ग्रामीण व वन सिपाही।
अंबेडकरनगर। इब्राहिमपुर के जियापुर गांव में शनिवार रात जंगली जानवर ने चार बकरियों को निशाना बनाया। घर के बाहर बंधी बकरियों को बाग में ले जाकर खाया। सुबह ग्रामीणों ने बकरियों के अवशेष पड़े देखे तो पूरे गांव में खबर आग की तरह फैल गई। सूचना देने के बाद पहुंची वन विभाग की टीम ने घटनास्थल व आसपास जांच की और पगचिह्नों के आधार पर कुत्ते जैसे जानवर के होने की आशंका जताई। फिलहाल मौके पर पिंजरा लगवाया गया है और रात में ड्रोन से निगरानी की तैयारी है। ग्रामीण भेड़िया होने की आशंका जता रहे हैं।
सरयू नदी से करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित जियापुर गांव के नरजीत कुमार शनिवार की रात घर के अंदर सो रहे थे। बाहर उनकी चार बकरियां बंधी थीं। रविवार की सुबह जब उठे तो बकरियां दरवाजे पर नहीं थीं। इसके बाद उनकी खोज में निकल पड़े। घर से कुछ दूरी पर स्थित बाग में पहुंचे तो वहां बकरियों के क्षत-विक्षत शव पड़े मिले। जंगली जानवर बकरियों के ज्यादातर अंगों को खा चुका है। सूचना मिलते ही ग्रामीण लाठी-डंडा लेकर पहुंच गए। सबसे पहले डायल 112 को सूचना दी गई। पुलिस कर्मियों ने हालात का जायजा लिया और चले गए।
इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई। वन विभाग की ओर से डिप्टी डीएफओ मुदित सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल के पास मिले पगचिह्नों की जांच की। आसपास के क्षेत्रों में कांबिंग की, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। टीम का कहना है कि हमला करने वाला जानवर कुत्ते जैसा प्रतीत हो रहा है। गांव में एहतियातन पिंजरा लगवा दिया है।
मंगवाए गए ड्रोन
वन विभाग की टीम ने गांव में डेरा जमा लिया है। एक विशेष दल गांव में पूरी रात ड्रोन कैमरे से निगरानी कर हर एक क्षेत्र के चप्पे चप्पे की फुटेज तैयार करेगा। गांव के एक किलोमीटर के दायरे तक निगरानी की जाएगी।
घरों में कैद हुए बच्चे
जंगली जानवर की दस्तक के बाद ग्रामीणों ने अपने बच्चों को घर से बाहर निकलने से रोक दिया है। वहीं खेतों की ओर भी चहलकदमी कम हो गई है। छोटे मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर रखा जा रहा है।
भेड़िया आने की खबर मिलते ही गांव में वन विभाग की टीम को भेज दिया गया था। जांच में वहां जो पगचिह्न मिले हैं, वह कुत्ते के प्रतीत हो रहे हैं। पिंजरा लगवा दिया गया है। रात के समय ड्रोन से निगरानी की जाएगी।
- उमेश तिवारी, डीएफओ