अंबेडकरनगर। अकबरपुर नगर की लगभग 30 हजार आबादी को सात घंटे तक बिना बिजली के रहना पड़ा। इससे नागरिकों को पेयजल संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। साथ ही गीजर व अन्य बिजली चालित उपकरणों का प्रयोग उपभोक्ता पूरे दिन कर पाए। इससे पहले भी इसी तरह की स्थिति उत्पन्न हुई थी।
दरअसल एक निजी कार्यदायी संस्था द्वारा खुले तारों के स्थान पर नई केबल लगाने का काम कराया जा रहा है। इसे सुनियोजित ढंग से न करने के चलते इसकी मार उपभोक्ताओं पर पड़ रही है। शहरी क्षेत्र में केबल बदलने का कार्य दिन में करने के चलते बुधवार को लगभग सात घंटे तक 30 हजार की आबादी को बिजली नहीं मिली।
बिजली कटौती की कोई जानकारी पहले से नहीं दी गई थी। सुबह 10 बजे के करीब ठप हुई बिजली आपूर्ति दोपहर बाद तक नहीं हुई तो शहजादपुर, चौक, सब्जीमंडी, पंडाटोला, पूर्वी नाका, पहितीपुर चौराहा आदि क्षेत्र के उपभोक्ता परेशान हो उठे। बाद में उन्हें पता चला कि कार्यदायी संस्था ने शटडाउन ले रखा है। शाम पांच बजे के करीब आपूर्ति बहाल हुई। आपूर्ति न होने तक लोगों के घरों में पानी की उपलब्धता का संकट बना रहा।
उपभोक्ताओं ने जताई नाराजगी
अकबरपुर नगर के शहजादपुर निवासी अधिवक्ता विशाल सिंह ने कहा कि यह बिजली विभाग की मनमानी है। शहर में ऐसे काम रात के समय भी कराया जा सकता है। वैकल्पिक रोशनी में ऐसे कार्य कराए जाएं तो लोगों को कम असुविधा होगी। अनिरुद्ध मिश्र ने कहा कि सात घंटे तक लगातार शटडाउन देना उचित नहीं है। इसे दो चरण में दिया जाना चाहिए। एक दिन में अधिकतम तीन से चार घंटे का ही शटडाउन देना उपभोक्ताओं के हित में रहता है।
चौक क्षेत्र निवासी शालिनी ने कहा कि घंटों तक बिजली न आने से घर में पानी की किल्लत हो गई। जिस घर में किराए पर रहते हैं वहां हैंडपंप भी नहीं है। शाम को बिजली आई तब पानी मिल पाया। गुजरात टेलर्स पर कार्यरत कर्मी ने बताया कि कपड़े सिलकर तैयार है लेकिन बिजली न आने से उसे प्रेस नहीं कर पाए। सुबह से दो ग्राहक लौटकर जा चुके हैं।
तेजी से काम निपटाने के निर्देश
निजी कार्यदायी संस्था को तेजी से काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। भविष्य में शटडाउन के लिए उपभोक्ताओं के हित को ध्यान में रखने को कहा गया है।
- अनूप कुमार सिंह, अधिशाषी अभियंता