गौरा गूजर में नहर की पटरी कटने से खेतों में भरा पानी।
विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। सरयू नदी के महरीपुर से निकलने वाले चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल से निकली रज्जीपुर इनामीपुर माइनर की पटरी मंगलवार रात गौरा गूजर गांव के पास टूट गई। इससे 12 किसानों की 20 बीघा से अधिक गेहूं, सरसों व आलू की फसलें जलमग्न हो गईं। किसानों की सूचना पर बुधवार को सिंचाई विभाग ने माइनर में पानी रोक दिया। मजदूरों को लगाकर क्षतिग्रस्त पटरी की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है।
एनटीपीसी में सरयू नदी से महरीपुर हेड पर बने चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल के जरिए पानी आता है। किसानों को सिंचाई का लाभ देने के लिए कैनाल से गौरा गूजर गांव के पास से रज्जीपुर इनामीपुर माइनर निकली है। इस माइनर से दर्जनों गांवों के किसानों को सिंचाई का लाभ मिलता है। मंगलवार रात अचानक गौरा गूजर गांव के पास ही माइनर की पटरी टूट गई। इसकी जानकारी किसानों को बुधवार सुबह हो सकी। किसानों ने इसकी सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी। हालांकि कोई मौके पर नहीं पहुंचा।
तब तक गांव निवासी किसान रामसूरत मौर्य, कन्हैया मौर्य, रामतीरथ, मिश्रीलाल यादव, कपिल यादव, डोडे वर्मा सहित करीब एक दर्जन किसानों की 20 बीघा गेहूं, सरसों, आलू आदि फसलें डूब गईं। किसानों का कहना है कि तमाम शिकायत के बावजूद करीब 500 मीटर तक माइनर की सफाई को अधूरा छोड़ दिया गया है। इसके चलते ही माइनर में पानी का उफान हो जाता है। किसानों ने अविलंब पटरी की मरम्मत कराते हुए माइनर की पूरी सफाई कराए जाने की मांग की।
सिंचाई खंड टांडा के सहायक अभियंता संजीव सोनकर ने बताया कि पटरी क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर मजदूरों को भेजकर मरम्मत कराई जा रही है। फसलों को नुकसान न पहुंचे इसके लिए माइनर में पानी बंद कर दिया गया है।