राजेसुल्तानपुर। आलापुर के बरोही पांडेय का पूरा में बंधे के किनारे बाढ़ शरणालय का निर्माण पूरा हो गया है। करीब 5 करोड़ 82 लाख रुपये से तैयार इस भवन से अब बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। विभाग ने भवन को प्रशासन को सौंपने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
दो मंजिला बाढ़ शरणालय भवन का निर्माण लोक निर्माण विभाग खंड-2 अयोध्या की ओर से वर्ष 2024 में शुरू कराया गया था। तय समय में काम पूरा कर लिया गया है। इसमें तीन बड़े हॉल बनाए गए हैं, जहां एक साथ कई परिवार रह सकते हैं। इसके अलावा 6 शौचालय, 6 बाथरूम और एक बड़ा किचन हाॅल भी तैयार किया गया है। भवन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि बाढ़ के समय लोगों को सुरक्षित और व्यवस्थित ठहरने की सुविधा मिल सके। मांझा कम्हरिया और आराजी देवारा क्षेत्र के लोगों को हर साल सरयू नदी में उफान के दौरान भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। बाढ़ आने पर उन्हें अस्थायी राहत शिविरों या रिश्तेदारों के घरों में शरण लेनी पड़ती थी। कई बार स्थिति ऐसी हो जाती थी कि लोगों को बंधे पर ही अस्थायी इंतजाम करके रहना पड़ता था। अब इस शरणालय के बनने से इन क्षेत्रों के एक दर्जन से अधिक मजरे के लोगों को स्थायी और सुरक्षित ठिकाना मिलेगा। (संवाद)
कई गांवों को मिलेगा सीधा लाभ
इस बाढ़ शरणालय का लाभ मांझा कम्हरिया के सत्यनारायण का पूरा, बद्री का पूरा, पटपरवा, कल्लू का पूरा, रग्घू का पूरा, निषाद बस्ती और दलित बस्ती के लोगों को मिलेगा। वहीं, आराजी देवारा के प्रसाद कुर्मी का पूरा, हंसू का पूरा, करिया लोनिया का पूरा समेत आसपास के गांव भी इससे जुड़ेंगे। आजमगढ़ जिले की सीमा से लगे गांवों के लोगों को भी सुविधा मिलेगी।
हैंडओवर करने के लिए भेजा पत्र
भवन पूरी तरह तैयार है। इसे प्रशासन को हैंडओवर करने के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा जा चुका है। औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे उपयोग में लाया जाएगा।
- विजय वर्मा, अवर अभियंता, लोक निर्माण विभाग