नगर के एक प्रतिष्ठान पर जांच करती खाद्य विभाग की टीम। फाइल फोटो
अंबेडकरनगर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से खिलवाड़ करने वाले कारोबारियों पर कार्रवाई की है। विभाग ने विभिन्न समय पर लिए गए नमूनों की जांच कराई। जांच में अधोमानक, मिथ्याछाप और बाह्य तत्वयुक्त खाद्य पदार्थ पाए गए।
एडीएम वित्त एवं राजस्व ज्योत्स्ना बंधु की अदालत ने 44 मामलों का निस्तारण किया। संबंधित खाद्य कारोबारियों पर कुल 13 लाख 17 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले के बाजारों और प्रतिष्ठानों से नमूने लेकर जांच के लिए खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला भेजे थे। जांच रिपोर्ट में नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। न्यायालय में सुनवाई के बाद कारोबारियों को दोषी पाया गया। कार्रवाई में दूध और दूध से बने उत्पाद सबसे अधिक निशाने पर रहे। मिश्रित दूध, पनीर, खोया, छेना मिठाई, बर्फी, पेड़ा, सोनपापड़ी, बेसन लड्डू, कुल्फी और आइसक्रीम के नमूने भी जांचे गए। सरसों तेल, रिफाइंड मूंगफली तेल, हल्दी पाउडर, काली मिर्च, किशमिश, नमकीन और बूंदी के मामलों में भी जुर्माना लगा। बिना खाद्य पंजीकरण कारोबार करने वालों पर भी कार्रवाई हुई।
इन कारोबारियों पर लगा अर्थदंड
नकली बादाम शेक बेचने पर शहजादपुर के मोनू सुधार पर 40 हजार रुपये और विक्रेता पूरनमल जाट पर 5000 रुपये का अर्थदंड लगा। मिलावटी दूध के 11 कारोबारियों पर 3.50 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया। मिलावटी मिठाई के 10 से अधिक कारोबारियों पर 2.23 लाख रुपये का जुर्माना लगा। मिलावटी तेल के तीन कारोबारियों पर 1.20 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया। अधोमानक खोया बेचने वाले चार कारोबारियों पर 1.03 लाख रुपये का जुर्माना लगा। नमकीन के तीन कारोबारियों पर 1.05 लाख रुपये और पनीर के तीन कारोबारियों पर 88000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया। मसालों के दो कारोबारियों पर 70 हजार रुपये और अधोमानक किशमिश के एक कारोबारी पर 35000 रुपये का जुर्माना लगा। बिना पंजीकरण कारोबार करने वाले तीन लोगों पर 67000 रुपये और आइसक्रीम/कुल्फी के चार कारोबारियों पर 94000 रुपये का अर्थदंड लगा।