अंबेडकरनगर। थाना अलीगंज क्षेत्र में संचालित कताई मिल के निदेशक और मैनेजर को धमकाने के मामले में तत्कालीन पुलिस चौकी मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर के प्रभारी उपनिरीक्षक पर मुकदमा दर्ज होगा। 30 हजार रुपये हफ्ता लेने के लिए चौकी प्रभारी ने न सिर्फ धमकाया, बल्कि बर्बाद करने की चेतावनी भी दे डाली। मामले में पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई के बजाय सिर्फ स्थानांतरण किया। पीड़ित की गुहार पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने सीओ टांडा को दारोगा पर मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
कताई मिल के निदेशक अंकित पांडेय ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष अपील की थी कि पुलिस चौकी मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में तैनात रहे प्रभारी एसआई जितेंद्र सिंह काफी दिन से साप्ताहिक वसूली का दबाव बना रहा था। 30 हजार रुपये वसूली न देने पर मुकदमे में फंसाने के साथ बर्बाद करने की धमकी दे रहा था।
इसकी शिकायत पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से की गई, लेकिन दारोगा के रसूख के आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई। दारोगा ने अपने गुर्गों को भेजकर भी धमकियां भी दीं। 28 अक्तूबर 2024 को दारोगा ने मिला कार्यालय पहुंचकर मैनेजर विनोद कुमार पांडेय व कर्मचारियों से गाली-गलौज की। पीड़ित के मुताबिक यह पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गया।
दोबारा एसपी से शिकायत करने पर सीओ टांडा से जांच कराई, लेकिन एफआईआर नहीं दर्ज की गई। तीन दिसंबर 2024 को एसपी को दोबारा सूचना दी। इस पर चौकी इंचार्ज का स्थानांतरण बसखारी थाना क्षेत्र की लहटोरवा चौकी कर दिया गया। मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधा ने सीओ टांडा को निर्देश दिए हैं कि यदि मुकदमा पंजीकृत न हो तो आवेदक के प्रार्थनापत्र के आधार पर उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाए और नियमानुसार निष्पक्ष विवेचना कराई जाए। साथ ही एक सप्ताह के अंदर एफआईआर की सूचना न्यायालय को प्रेषित की जाए।
वर्जन
कोर्ट के आदेशानुसार होगी कार्रवाई
अभी आदेश की जानकारी नहीं मिली है। कोर्ट का आदेश प्राप्त होने पर परीक्षण कराकर निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- विशाल पांडेय, एएसपी पश्चिमी