अंबेडकरनगर। हुदहुद का कहर दूसरे दिन थम तो गया लेकिन लेकिन 50 से अधिक ग्राम पंचायतों की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई। तेज हवा के चलते तकरीबन डेढ़ सौ विद्युत पोल गिर गए। इससे लगभग 80 हजार की आबादी अंधेरे में रहने को विवश है। उधर जिला मुख्यालय के कई मोहल्लों में बुधवार को लोगों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ा।
मालूम हो कि सोमवार देर रात से शुरू हुई तूफानी बारिश के चलते आम जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। मंगलवार शाम तक बारिश व तेज हवाओं का क्रम जारी रहा। इससे जिले की विद्युत आपूर्ति भी छिन्नभिन्न हो गई। जिले के ज्यादातर इलाकों में विद्युत आपूर्ति ठप चल रही है। शहरी क्षेत्रों में तो मंगलवार देर रात को किसी तरह आपूर्ति बहाल कर ली गई, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों की हालत अभी भी दयनीय बनी हुई है। विद्युत खंभों के गिरने व तारों के टूटने से दोस्तपुर, भीटी, बेवाना, जलालपुर, इल्तिफातगंज, टांडा व जहांगीरगंज समेत लगभग 50 गावों में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। इसे बुधवार शाम तक बहाल नहीं किया जा सका। टांडा व अकबरपुर विद्युत वितरण खंड के अधिशाषी अधिकारियों ने बुधवार को भी मरम्मत व विद्युत सुधार कार्य जारी रखा। उधर बिजली आपूर्ति ठप होने से नगर पालिका परिषद अकबरपुर, जलालपुर व टांडा में वाटर सप्लाई भी बाधित हो गई। टांडा व जलालपुर जैसे नगरीय क्षेत्रों में मंगलवार रात को आपूर्ति बहाल हो गई लेकिन अकबरपुर नगर पालिका परिषद के कई क्षेत्रों में बुधवार को भी जलापूर्ति बहाल नहीं हो सकी। इससे लोगों को पानी के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ा। एक एक बाल्टी पानी के लिए लोग इधर-उधर भटकते रहे। अकबरपुर नगर के मीरानपुर मोहल्ला निवासी हरिमंगल जायसवाल, रिंकू गुप्ता, संदीप सिंह ने बताया कि उन्हें दूसरे लोगों के यहां लगे हैंडपंप से पानी लाना पड़ रहा है। इससे सिर्फ खाना पकाने व पीने में ही प्रयोग किया जा रहा है। कहा कि इस संबंध में पालिका प्रशासन को कोई भी कर्मी कुछ बताने को तैयार नहीं है।