अंबेडकरनगर। डिग्री कॉलेजों में चल रही परीक्षाओं में जबरदस्त नकल हो रही है। कई स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में ठेके पर नकल कराई जा रही है। इसके लिए बाकायदा अलग से विशेषज्ञ शिक्षकों की व्यवस्था की गई है, जो प्रश्नपत्र हल करते हैं और उसके बाद महाविद्यालय का ही कोई शिक्षक उसे विभिन्न कक्षाओं में जाकर बोलता है। इतना ही नहीं, कुछ महाविद्यालयों में ऐसे शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी गई है, जो योग्य नहीं हैं। एक दिन पूर्व ही खेमापुर स्थित एक महाविद्यालय में सचल दल ने एक शिक्षक को पकड़ लिया। बाद में उसे कार्यमुक्त कर दिया गया।
यूपी बोर्ड की तरह अब डिग्री कॉलेजों में भी बाकायदा इमला बोलकर नकल कराई जा रही है। एक स्ववित्तपोषित महाविद्यालय के प्रबंधक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ज्यादातर महाविद्यालयों में नकल कराने का ठेका दिया गया है। इसके लिए बाकायदा एक विशेषज्ञ शिक्षक को अनुबंधित किया जाता है। इस शिक्षक द्वारा प्रश्न पत्र हल किया जाता है। बाद में कक्ष निरीक्षकों में से कोई एक प्रश्नों के उत्तर कक्षों में जाकर इमला बोल देता है। ऐसे में यदि सचल दल आ भी गया, तो उसके हत्थे कुछ भी नहीं लगता। जिस प्रकार से यूपी बोर्ड की परीक्षा में परीक्षा केंद्रों पर सचल दल के पहुंचने से पूर्व ही इसकी जानकारी हो जाया करती है, उसी प्रकार से महाविद्यालयों में भी सचल दल के पहुंचने की जानकारी हो जाती है। इसी का नतीजा है कि अब तक मात्र एक नकलची ही पकड़ा जा सका है।
टांडा क्षेत्र में डिग्री कॉलेज चलाने वाले एक प्रबंधक के अनुसार कक्ष निरीक्षकों की तैनाती भी नकल माफियाओं के इशारे पर की जाती है। मौजूदा समय में तमाम ऐसे कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की गई है, जो योग्य नहीं हैं। गुरुवार को खेमापुर स्थित एक महाविद्यालय में परीक्षा का जायजा लेने पहुंचे सचल दल के सदस्य ने ड्यूटी दे रहे एक शिक्षक से जब उसका परिचय पूछा, तो वह समुचित जवाब नहीं दे पाया। इस पर उसे कार्यमुक्त कर दिया गया।