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1400 रुपये प्रति क्विंटल होगी गेहूं की खरीद

Sat, 22 Mar 2014 05:30 AM IST
AmbedkarNagar
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अंबेडकरनगर। गेहूं किसानों के लिए खुशखबरी है। इस बार विगत वर्ष की अपेक्षा गेहूं का समर्थन मूल्य 50 रुपये अधिक निर्धारित किया गया है। विगत वर्ष शासन से निर्धारित गेहूं का समर्थन मूल्य जहां 1350 रुपये था, वहीं इस बार इसे बढ़ाकर 1400 रुपये कर दिया गया है। गेहूं किसानों को अपना गेहूं बेचने के लिए किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 8 एजेंसियों के 75 क्रय केंद्रों की स्थापना की गई है। साथ ही एक अप्रैल से इन क्रय केंद्रों पर खरीददारी का कार्य भी प्रारंभ कर दिया जाएगा। उधर क्रय केंद्रों पर गेहूं की समुचित खरीद को लेकर किसानों में आशंका व्याप्त है। उनका कहना है कि कहीं गेहूं खरीद का भी वही हाल न हो, जो धान खरीद का हुआ है।
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गेहूं किसानों को अपना गेहूं क्रय केंद्रों पर बेचने के लिए किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए शासन ने अभी से ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। एक अप्रैल से प्रारंभ होने वाली खरीद से पूर्व जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 8 एजेंसियों के कुल 75 क्रय केंद्रों की स्थापना कर दी गई है। इसमें मार्केटिंग के 5, पीसीएफ के 36, यूपी स्टेट एग्रो के 2, यूपीएसएस के 21, कर्मचारी कल्याण निगम के 3, नैफेड के 3, एनसीसीएफ के 3 व भारतीय खाद्य निगम के 2 क्रय केंद्रों का चयन किया गया है। हालांकि अभी लक्ष्य का निर्धारण नहीं किया गया है, लेकिन गेहूं बिक्री के लिए किसानों को जागरूक करने का कार्य अभी से प्रारंभ कर दिया गया है। सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर किसानों को अपना गेहूं क्रय केंद्रों पर बिक्री करने के लिए प्रेरित करें। साथ ही क्रय केंद्रों पर सभी आवश्यक सुविधाएं भी खरीद प्रारंभ होने से पूर्व सुनिश्चित किए जाने का निर्देश दिया गया है।
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी रवींद्रनाथ यादव ने बताया कि इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य गत वर्ष के सापेक्ष 50 प्रति कुंतल अधिक है। बताया कि विगत वर्ष समर्थन मूल्य 1350 रुपये प्रति कुंतल था, जबकि इस वर्ष इसे बढ़ाकर 1400 रुपये प्रति कुंतल किया गया है। उन्होंने किसानों से आवाहन किया कि वे अपना गेहूं क्रय केंद्रों पर पहुंचकर बेचें। उधर गेहूं किसानों में समुचित बिक्री को लेकर आशंका व्याप्त है। उनका कहना है कि जिस प्रकार से धान खरीद में विभिन्न क्रय केंद्रों पर प्रभारियों व कर्मचारियों द्वारा लापरवाही बरती गई थी, उसी प्रकार से गेहूं खरीद में भी न हो।
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