टांडा/जलालपुर। जिले में खाकी की मिलीभगत से गोवंशीय पशुओं की तस्करी के गोरखधंधे का बड़ा खुलासा हुआ है। टांडा पुलिस व क्राइम ब्रांच टीम ने बुधवार दोपहर टांडा में वध के लिए ले जाए जा रहे 25 गोवंशीय पशुओं को बरामद करके पांच तस्करों को दबोच लिया। इन लोगों ने पूछताछ में बताया कि अलीगंज, टांडा व बसखारी थाने के पुलिसकर्मी बाकायदा सुविधा शुल्क लेकर पशुओं से लदी गाड़ियां पास कराते थे। इस पर एसपी ने अलीगंज व टांडा थाने के दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया, जबकि बसखारी थाने के एक सिपाही की संलिप्तता की जांच कराने का निर्देश दिया है। टांडा में बरामद पशुओं में से तीन मृत मिले, जबकि 22 को एक गौशाला की सुपुर्दगी में दे दिया गया। उधर, जलालपुर थाना क्षेत्र में वध के लिए ले जाए जा रहे एक गोवंशीय पशु को भी बरामद किया गया है।
टांडा पुलिस व क्राइम ब्रांच टीम ने बुधवार दोपहर चिंतौरा के पास गोपनीय सूचना पर घेराबंदी की, तो वहां ट्रक के साथ-साथ एक स्कार्पियो गाड़ी चलती दिखी। रोकने पर ट्रक में क्रूरतापूर्वक 25 गोवंशीय पशु लदे मिले। इनमें से तीन की मौत हो चुकी थी। 22 अन्य पशुओं को लिखापढ़ी के बाद डुहिया स्थित गौशाला की सुपुर्दगी में दे दिया गया। पुलिस ने मौके से आजमगढ़ के नेवादा निवासी ट्रक चालक शमशाद, पशु तस्कर अशहद, अनिल गौड़, जलालुद्दीन व आरिफ को गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपी वसीम फरार हो गया। पुलिस ने इन सभी आरोपियों के विरुद्ध गोवध निवारण व पशु क्रूरता अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि अलीगंज, कोतवाली व बसखारी थाने के सिपाही रुपये लेकर पशुओं से लदे ट्रक को निकल जाने देते थे। कोतवाली पहुंचे एसपी सुनील सक्सेना ने बताया कि अलीगंज के सिपाही बिंद्रेश यादव व टांडा कोतवाली के सिपाही अजय राना की पशु तस्करी में संलिप्तता मिलने पर दोनों को निलंबित कर दिया गया है। बसखारी में तैनात सिपाही राजेश की भूमिका की जांच के निर्देश दिए हैं। उधर, जलालपुर के जफराबाद मोहल्ले में बुधवार को वध के लिए ले जाए जा रहे एक गोवंशीय पशु को पुलिस ने बरामद किया है। एसओ चंद्रभान यादव ने बताया कि मामले में नाटे उर्फ शरीफ समेत तीन लोगों के विरुद्ध मामला पंजीकृत
किया गया है।