अंबेडकरनगर। विभिन्न विद्यालयों में ठंडे पड़े चूल्हों के जलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। शासन से जिले को कन्वर्जन कास्ट के एक करोड़ 60 लाख रुपये उपलब्ध हो गया है। शीघ्र ही यह धनराशि संबंधित विद्यालयों में भेज दी जाएगी। इससे उन छात्र-छात्राओं को अब एमडीएम का लाभ मिलने लगेगा, जिन्हें कन्वर्जन कास्ट की धनराशि न होने से योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी एमडीएम योजना का समुचित लाभ जिले के विभिन्न विद्यालयों को नहीं मिल पा रहा है। दरअसल कन्वर्जन कास्ट न होने के चलते एक-एक कर विद्यालयों के चूल्हे ठंडे पड़ने लगे थे। नतीजतन दोपहर का भोजन न मिलने से छात्र-छात्राओं को मायूस लौटना पड़ रहा है। कन्वर्जन कास्ट उपलब्ध कराने के लिए कई बार शासन को पत्र लिखा गया, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका। इसके चलते मौजूदा समय में लगभग 1100 विद्यालयों में एमडीएम योजना पूरी तरह ठप हो गई। इसकी जानकारी होने पर बीते दिनों मध्याह्न निदेशालय से दो सदस्यीय टीम ने जनपद पहुंचकर एमडीएम की जानकारी हासिल की थी। इसके बाद उम्मीद बंधी थी कि शायद शीघ्र ही कन्वर्जन कास्ट जनपद को उपलब्ध हो जाए और ठंडे पड़े चूल्हे जल उठें। गुरुवार को बीएसए दलसिंगार यादव ने बताया कि जिले के कुल 1953 विद्यालयों में दो लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को एमडीएम योजना का लाभ मिलता है। बताया कि कन्वर्जन कास्ट की कमी होने चलते दिन प्रतिदिन विद्यालयों में योजना ठप होती जा रही थी। शासन ने मामला संज्ञान में लेते हुए बीते दिनों प्राथमिक विद्यालयों में कन्वर्जन कास्ट के लिए एक करोड़ पांच लाख रुपये व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए 55 लाख रुपये की धनराशि जनपद को उपलब्ध कराई गई है। बताया कि कन्वर्जन कास्ट मिलने संबंधी पत्रावली डीएम को भेजी जा चुकी है। संस्तुति के बाद इसे संबंधित विद्यालयों में भेज दी जाएगी। अवकाश के बाद 11 जनवरी से संबंधित विद्यालयों में योजना के तहत छात्र-छात्राओं को भोजन मिलने लगेगा।