अंबेडकरनगर। चर्चित दवा व्यवसायी राममोहन हत्याकांड मामले में पुलिस ने सोमवार को कड़ा कदम उठाते हुए मास्टर माइंड सैफ उर्फ अबूबकर समेत तीन अन्य के विरुद्ध गैंगस्टर की कार्रवाई की है। इन आरोपियों में से तीन मौजूदा समय में मंडल कारागार में निरुद्ध हैं, जबकि सैफ फरार चल रहा है। सैफ को संरक्षण देने के आरोपी एक सभासद की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी की गई। टांडा में हिंदू युवा वाहिनी के जिला संयोजक रहे रामबाबू गुप्त के भतीजे दवा व्यवसायी राममोहन की चार दिसंबर को हुई हत्या मामले में कई दिनों की चुप्पी के बाद पुलिस-प्रशासन ने अब एक बार फिर से बड़ी कार्रवाई की है। परिवारीजनों द्वारा टांडा विधायक समेत तीन अन्य व्यक्तियों को नामजद किए जाने से इतर पुलिस प्रशासन ने 12 दिसंबर को बड़ा खुलासा किया था। इसमें इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र के बेलासपुर निवासी सैफ उर्फ अबूबकर को घटना का मास्टर माइंड बताते हुए बेवाना के रसूलपुर दियरा निवासी मोहम्मद अबरार उर्फ मुन्ना, अकबरपुर थाना क्षेत्र के पहितीपुर निवासी मास्टर उर्फ मोहम्मद उमर तथा हयातगंज निवासी दानिश उर्फ इरफान को गिरफ्तार किया था। तीनों इस समय मंडल कारागार में बंद हैं। जबकि सैफ की तलाश की जा रही थी।
शुरुआत में लोगों को पुलिस के इस खुलासे पर भरोसा नहीं हुआ, लेकिन बाद में रामबाबू के पुत्र शिवम ने सामने आए सैफ के चित्र को पहचानकर यह बताया था कि यही व्यक्ति उनके पिता की हत्या से पहले दुकान पर आया था। इस पर पुलिस के खुलासे पर लोगों का विश्वास बना। इसी बीच यह तथ्य भी सामने आया कि किछौछा निवासी एक सभासद सैफ को संरक्षण देने का काम करता था। सभासद की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस पर दबाव पड़ा, लेकिन पुलिस इससे इंकार करती रही। तमाम प्रकार की आलोचनाओं व दबाव के बीच सोमवार को एक बार फिर पुलिस-प्रशासन ने इस मामले में एक बड़ा कदम उठाया है। फरार सैफ के अलावा जेल भेजे गए तीनों आरोपियों पर पुलिस ने अब गैंगस्टर की कार्रवाई की है। इसके साथ ही सभासद की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी की गई।
पुलिस अब तक इससे बच रही थी। माना जा रहा है कि ऊपर से हरी झंडी मिलने के चलते ही कल तक सभासद की गिरफ्तारी से परहेज कर रही जनपद पुलिस ने अचानक उसकी गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी की है। वहीं इस बारे में पुलिस अधीक्षक सुनील सक्सेना ने बताया कि गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है। सभासद के विरुद्ध अभी कोई साक्ष्य नहीं है। ऐसे में छापेमारी का सवाल ही नहीं उठता।